फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Children Commission notices to two officers of Education Department, violation case of mandate in lottery process in RTE

बाल आयोग: शिक्षा विभाग के दो अफसरों को नोटिस, आरटीई में लॉटरी प्रक्रिया में शासनादेश के उल्लंघन का मामला

Mon, 18 Jul 2022 12:43 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 18 Jul 2022 12:43 PM IST
सार

मोहम्मद आशिक की ओर से 7 मई को उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी।इसके तहत लॉटरी प्रक्रिया में बच्चों के माता-पिता को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इस शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है।

विज्ञापन
Children Commission notices to two officers of Education Department, violation case of mandate in lottery process in RTE
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

बालकों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत लॉटरी प्रक्रिया में शासनादेश के उल्लंघन के मामले में उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इस संबंध में 20 जुलाई तक जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
विज्ञापन


आयोग की ओर से महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को जारी नोटिस में कहा गया है कि अधिनियम के तहत अपवंचित और कमजोर वर्ग के 25 प्रतिशत बच्चों को कक्षा आठ तक सरकार की ओर से निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष शिक्षा विभाग की ओर से आवेदन मांगे जाते हैं।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें...Presidential Election 2022:  देहरादून विधानसभा में वोटिंग जारी, सीएम धामी ने डाला वोट, 59 विधायक कर चुके मतदान

विज्ञापन
विज्ञापन


आवेदन की प्रक्रिया के बाद छात्रों के एडमिशन के लिए लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाती है लेकिन इस लाटरी प्रक्रिया में छात्रों के अभिभावकों को शामिल नहीं किया जा रहा है। जो एक्ट के तहत जारी सरकार के शासनादेश का उल्लंघन है। इसके तहत लॉटरी प्रक्रिया में बच्चों के माता-पिता को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इस शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस मामले में मोहम्मद आशिक की ओर से 7 मई को उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed