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मुख्य सचिव के सेवा विस्तार पर आयोग ने लगाई मुहर
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 22 Apr 2014 08:49 PM IST
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मौजूदा मुख्य सचिव सुभाष कुमार को छह माह सेवा विस्तार दिए जाने को केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने हरी झंडी दे दी है। आयोग की मंजूरी केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भी प्राप्त हो चुकी है।
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सुभाष कुमार 1977 बैच के आईएएस है और वह आगामी तीस अप्रैल को रिटायर होने थे लेकिन सरकार ने चुनावों के मद्देनजर कुमार को छह महीने का सेवा विस्तार दिए जाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था।
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केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा था। विगत 17 अप्रैल को आयोग ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। अब एक दो दिन में सेवा विस्तार की चिट्ठी शासन को मिल जाएगी।
सेवा विस्तार पाने वाले दूसरे आईएएस
सुभाष कुमार मुख्य सचिव के पद पर सेवा विस्तार पाने वाले दूसरे आईएएस होंगे। इससे पहले चंद्र सिंह नपलच्याल को भी छह महीने का सेवा विस्तार मिला था।
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हालांकि नपलच्याल ने तय समय से दो महीने पहले ही वीआरएस लेकर सुभाष कुमार के मुख्य सचिव बनने का रास्ता साफ किया था।
छह महीने पूरा करना है मुश्किल
वैसे सुभाष कुमार भी सेवा विस्तार के छह महीने पूरा करेंगे इसकी उम्मीद कम ही है। क्योंकि उन्हें राज्य विद्युत नियमाक आयोग का चेयरमैन नियुक्त किए जाने की फाइल पर मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है अब केवल आदेश जारी होना बाकी है।
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दरअसल सरकार की सुभाष कुमार को सेवा विस्तार दिए जाने के पीछे यह मंशा भी रही कि यदि आचार संहिता के बीच सीएस के पद पर नई नियुक्ति करनी पड़ी तो आयोग तीन नामों का पैनल मांगेगा और सरकार अपनी पसंद का मुख्य सचिव नियुक्त नहीं कर सकेगी।
अपर सचिव गृह पर गिरा एसीएस का नजला
सरकार ने शासन में मामूली फेरबदल कर दिया है। अपर मुख्य सचिव (गृह) बीपी पांडे की नाराजगी के चलते गृह विभाग में तैनात अपर सचिव व आईपीएस अफसर राजीव स्वरूप को हटाकर पीएचक्यू भेजे जाने की फाइल को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है।
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सूत्र बताते हैं कि अपर मुख्य सचिव स्वरूप की कार्यप्रणाली से नाखुश थे। राजीव इससे पहले हरिद्वार में एसएसपी के पद पर रहते हुए भी विवादित रह चुके है।
इंटेलीजेंस एंड सिकयूरिटी में तैनात वरिष्ठ आईपीएस पुष्पक ज्योति को अब शासन में अपर सचिव गृह बनाया गया है। सीएम ने तबादलों के दोनों प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। अब इनका केवल औपचारिक आदेश होना बाकी है।