उत्तराखंड: बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे समेत प्रदेश में 235 सड़कें बंद, पत्थर गिरने से महिला समेत दो की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे आए दिन मलबा आने से बंद हो रहा है। जिससे चारधाम यात्रा के लिए आए लोगों व स्थानीय ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड: आपदा पीड़ितों से मिलकर लौट रहे विधायक धामी मलबे के तेज सैलाब में बहे
शुक्रवार को भी बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे कई जगह बंद हो गया है। बदरीनाथ हाईवे मलबा और बोल्डर आने से लामबगड़, भनेरपाणी, नंद्रप्रयाग-हिलेरी पार्क और कुहेड़ में बंद है।
चमोली जिले में रातभर हो रही बारिश शुक्रवार की सुबह भी जारी रही। जिले में मलबा आने से करीब 12 संपर्क मार्ग बंद हैं। बारिश के कारण अभी सड़कों को खोलने का काम शुरू नहीं हो पाया है।
यमुनोत्री हाईवे भी रातभर हुई बारिश के कारण जगह-जगह मलबा आने से बंद है। कई जगह हाईवे दल-दल में बदल गया है। हाईवे पर आवाजाही गुरुवार रात से ही बंद है। वहीं यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से रवाडा नगाणगांव मार्ग पर आवाजाही ठप है। यमुनाघाटी में बारिश थमी है।
रुद्रप्रयाग में डाट पुलिया के सामने बदरीनाथ राजमार्ग अवरुद्ध है। केदारनाथ हाईवे पर संगम बाजार में स्कूटी सवार पर पत्थर गिरने से मौत हो गई। मृतक जखोली ब्लॉक के मखेत गांव का बताया जा रहा है। युवक रुद्रप्रयाग से अगस्तमुनि की तरफ जा रहा था। रुद्रप्रयाग के घेंगड़खाल में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई है।
235 सड़कें बंद
पिछले दो तीन दिनों में भारी बारिश के कारण मलबा आने से प्रदेश में चार नेशनल हाईवे समेत 235 सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है लेकिन बीच बीच में बारिश के कारण व्यवधान पैदा हो रहा है। लोनिवि के विभागाध्यक्ष हरिओम शर्मा के मुताबिक, सभी मार्गों को खोलने के लिए 291 मशीनें लगाई गई हैं।
लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बदरीनाथ व यमुनोत्री समेत चार हाईवे बंद कुछ स्थानों पर भूस्खलन के कारण मलबा आने से बाधित हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से चट्टान और मलबा सड़कों पर आने की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। इससे मार्ग एक स्थान पर खुल रहे हैं तो दूसरे स्थान पर बंद हो जा रहे हैं।
शुक्रवार को एक ही दिन में 147 सड़कें बंद हो गई। 168 सड़कें पहले ही खोली नहीं जा सकी थी। इनमें से 80 सड़कों को ही खोला जा सका। 235 सड़कें अब भी बाधित हैं। इनमें 10 स्टेट हाईवे, नौ जिला मोटर मार्ग, 12 सामान्य जिला मार्ग व 115 ग्रामीण मार्ग हैं।
जनपद रुद्रप्रयाग में बीती रात्रि हुई मूसलाधार बारिश से गांवों में आवासीय भवनों व गोशाला को नुकसान की सूचना है। घरों के आंगन, सीढ़ी, शौचालय धंसने की सूचना है।
अचानक चट्टान टूटने से एक परिवार बाल-बाल बचा
यमुनोत्री हाईवे पर खनेडा पुल के पास चटख धूप में अचानक चट्टान टूटने से एक परिवार बाल-बाल बचा। आधा दर्जन आवासीय भवन व होटल खतरे की जद में हैं।
भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह हुआ खतरनाक
भूस्खलन और भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह खतरनाक बना हुआ है, जिससे धाम जाने वाले यात्रियों को रुक-रुककर जाना पड़ रहा है। इससे श्रद्धालुओं का यात्रा शेड्यूल ही बिगड़ रहा है।
कुहेड़, भनेरपाणी, पागल नाला और लामबगड़ में हाईवे पर आवाजाही बेहद खतरनाक बनी हुई है। कुहेड़ और भनेरपाणी में ऑलवेदर रोड की हिल कटिंग से भूस्खलन हो रहा है। पीपलकोटी से करीब छह किमी की दूरी पर स्थित पागल नाले में बारिश होने पर मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ रहे हैं, जिससे दलदल बन गया है।
ऋषिकेश के शूरवीर सिंह ने बताया कि 27 जुलाई को बदरीनाथ धाम के लिए ऋषिकेश से निकला था। धाम पहुंचने में चार दिन लग गए। पीपलकोटी बंड विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह का कहना है कि बरसात में ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य रोक देना चाहिए।
इधर, एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भारी बारिश के कारण हाईवे पर जगह-जगह मलबा आ रहा है। हाईवे को शीघ्र खोलने के लिए पर्याप्त मशीनें व मैन पावर तैनात किया गया है।