चारधाम यात्राः बारिश से बंद हो रहे हाईवे, लेकिन भक्ति की 'शक्ति' नहीं हुई कम
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कुछ दिनों से उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ने से चारधाम यात्रा मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है, लेकिन चारधाम तीर्थयात्रियों की भक्ति की शक्ति बिल्कुल भी कम नहीं हुई है।
रविवार को बदरीनाथ हाईवे दो जगह बंद हुआ। हाईवे चमोली बाजार के पास और बाजपुर में बंद पड़ा है। जिस कारण बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थ यात्रियों को चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ मार्ग से रुद्रप्रयाग भेजा गया।
बताया गया कि चमोली जिले में कोई यात्री नहीं फंसा है। सभी को सुरक्षित हरिद्वार की ओर रवाना कर दिया गया है। वहीं बरसात में मार्ग के बाधित होने के बावजूद भी भक्तों में बदरीनाथ यात्रा को लेकर उत्साह बरकरार है। रविवार को 255 तीर्थयात्री दस किमी. पैदल चलकर धाम पहुंचे।
बदरीनाथ हाईवे पर शनिवार शाम साढ़े छह बजे छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। इससे रविवार को तीन दिन से यात्रा पड़ाव चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रुके तीर्थयात्री अपने वाहनों से गोपेश्वर, ऊखीमठ होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचे। शनिवार रात नौ बजे तक यात्रा वाहनों की निकासी हुई। जबकि रविवार को सुबह पांच बजे से यात्रा वाहनों को निकाला गया।
30 जून और एक जुलाई को बदरीनाथ हाईवे मैठाणा से चमोली बाजार तक करीब पांच किमी के दायरे में पांच जगहों पर अवरुद्ध था। तब से पांच हजार तीर्थयात्री अपने वाहनों सहित यात्रा पड़ावों में फंसे थे। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे को सुचारु करने के लिए बीआरओ की मशीनें और मजदूर जुटे हैं।
कोठियालसैंण-सैकोट-नंदप्रयाग मार्ग को भी खुलवाने के लिए लोनिवि को निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र हाईवे सहित अन्य सड़कों पर आवाजाही सुचारु करवा दी जाएगी।
शाम पांच बजे सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डरों के खिकसने से केदारनाथ राजमार्ग बंद हो गया। यातायात बंद होने से दोनों तरफ छोटे वाहनों की कतार लग गई।
राजमार्ग बंद होन के कारण केदारनाथ से दर्शन कर सोनप्रयाग लौट रहे यात्रियों को गौरीकुंड में ही रोक दिया गया। डीडीएमए के ईई केएस नेगी ने बताया कि मशीनों की मदद से बोल्डर हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। बताया गया कि हाईवे रात तक खुल जाएगा।
नीती घाटी के 19 गांवों से संपर्क कटा
रविवार को चट्टान टूटने से जोशीमठ-मलारी हाईवे सलधार में बाधित हो गया है। इससे नीती घाटी के 19 गांवों के साथ ही चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी व सेना के जवानों की आवाजाही बंद हो गई है।
सलधार में आईटीबीपी के वाहन भी सीमा क्षेत्र की ओर नहीं जा पा रहे हैं। तड़के चार बजे अचानक सनधार में मलारी हाईवे पर चट्टान टूट गई। सुबह आठ बजे से सीमा सड़क संगठन की मशीनों ने हाईवे को खोलने का काम शुरू कर दिया था। इन दिनों जोशीमठ-मलारी हाईवे का चौड़ीकरण कार्य चलने से जगह-जगह चट्टानी भाग से मलबा और बोल्डर छिटक कर सड़क पर आ रहे हैं।
कोठियालसैंण में चमोली-गोपेश्वर मार्ग भी तीन जगहों पर भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त है। भेषज संघ कार्यालय के समीप सड़क पर भू-धंसाव जारी है। यहां विद्युत सब स्टेशन के समीप भी करीब दस मीटर सड़क क्षतिग्रस्त है। हालांकि लोनिवि ने सड़क को छोटे वाहनों के लिए तो खोल दिया है। यहां पुश्तों का निर्माण जल्द नहीं होने से लंबे समय के लिए गोपेश्वर का अन्य क्षेत्र से संपर्क कट जाएगा।
सेना की जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति ठप
चमोली जनपद धार्मिक के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में हाईवे के अवरुद्ध होने से चीन सीमा क्षेत्र में स्थित जोशीमठ और मलारी क्षेत्र में सेना की जरूरी स्तुओं की आपूर्ति भी ठप पड़ गई है। इन क्षेत्रों में सब्जी, दूध, अंडा, समाचार पत्र सहित अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति ठप पड़ी है।
सड़क के जल्दी नहीं खुलने से जनपद में इन हिस्सों में रसोई गैस, मिट्टी तेल, रसद, डीजल, पेट्रोल जैसी उपयोगी वस्तुओं का भी संकट हो सकता है। इधर, जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी आरएस राणा का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात से पहले अग्रिम रसद पहुंचाई जा चुकी है। सड़कों के सुचारु होते ही फिर ग्रामीण क्षेत्रों में रसद की आपूर्ति की जाएगी।
चमोली जिले में 62 सड़कें बंद
अतिवृष्टि से चमोली जनपद में 62 सड़कें, 38 पेयजल लाइनें और सात विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घाट क्षेत्र में 33 केवी की विद्युत लाइन भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। ऊर्जा निगम की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर क्षेत्र में विद्युत सप्लाई सुचारु की गई है।
बदरीनाथ हाईवे पर चमोली बाजार, मैठाणा और बाजपुर में दूरसंचार की ओएफसी लाइन क्षतिग्रस्त होने से गोपेश्वर, जोशीमठ, पीपलकोटी और दशोली क्षेत्र में बीएसएनएल की मोबाइल और ब्राडबैंड सेवा तीन दिनों से ठप है। यात्रा पड़ावों पर फंसे तीर्थयात्री भी संचार सेवा ठप होने से अपने संबंधियों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
पोखरी क्षेत्र में पोखरी-गोपेश्वर, पोखरी-रौता, हापला-धोतीधार, पोखरी-नंदप्रयाग सड़कें क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति ठप है। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सरकारी परिसंपतियों के नुकसान की रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी।
606 तीर्थयात्री पहुंचे यमुनोत्री एवं गंगोत्री
मौसम विभाग की लगातार भारी बारिश की चेतावनियों के चलते चार धाम यात्रा सिमटती जा रही है। रविवार को महज 606 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम पहुंचे। जबकि जिले में सुबह से बादल छाए रखने पर मौसम खुशगवार बना हुआ है।
जिले में रविवार को सुबह से ही बादल छाए रहे। शाम के समय खिली धूप के साथ मौसम खुशगवार हो गया। जबकि सुबह गंगोत्री राजमार्ग डुंडा में सड़क चौडीकरण से उखड़ी पहाड़ी के गिरने से दो घंटे यातायात बंद रहा।
वहीं यमुनोत्री हाईवे तुनाला तथा जंगलचट्टी में सड़क पर आए मलबे को दो घंटे में हटाकर यातायात चालू किया गया। बारिश न होने से आज गंगोत्री हाईवे के लाटा वाले अस्थायी रूप से तैयार सड़क के हिस्से में वाहनों के आवागमन में कोई परेशानी नहीं हुई। बीआरओ की मशीने तथा जवान भूस्खलन वाले क्षेत्रों में नजर रखने के लिए हर जगह तैनात है। रविवार को महज 136 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 470 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे।
Published By : Nirmala Suyal