चारधाम यात्रा 2020: बाबा केदार के क्षेत्रपाल भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा में चार पुजारियों समेत 15 लोग होंगे शामिल
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भगवान केदारनाथ की चल विग्रह डोली के पंचकेदार गद़्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से अपने धाम प्रस्थान से पूर्व शनिवार देर सांय को बाबा केदार के क्षेत्रपाल भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। तहसील प्रशासन ने पूजा में शामिल होने के लिए चार पुजारियों समेत 15 लोगों को अनुमति देने के लिए सूची डीएम को भेज दी है। बाबा की डोली रविवार 26 अप्रैल को वाहन से ऊखीमठ से गौरीकुंड तक पहुुंचाई जाएगा।
जहां से 27 को डोली धाम पहुंचेगी और 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर धाम के कपाट खोले जाएंगे। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में बीते 25 मार्च से जारी लॉकडाउन व सामाजिक दूरी के पालन को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष केदारनाथ यात्रा का संचालन सूक्ष्म रूप से किया जा रहा है।
बाबा की डोली के धाम प्रस्थान व कपाटोद्घाटन समारोह में गिनती के लोग शामिल हो सकेंगे। इसी के तहत शनिवार सांय को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में होने वाली भैरवनाथ पूजा में भी सिर्फ 15 लोग ही शामिल होंगे, जिसमें चार पुजारी शामिल हैं। शुक्रवार को मंदिर कार्यालय से सूची तहसील प्रशासन को दी गई, जिसे अनुमति के लिए डीएम कार्यालय को भेज दिया गया है। उप जिलाधिकारी वरूण कुमार अग्रवाल ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि भगवान भैरवनाथ की पूजा विशेष होती है।
कपाट खुलने से पहले होता है भगवान भैरवनाथ का आह्वान
पुजारी द्वारा अराध्य का श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद उनकी अलग-अलग आरती कर भोग लगाया जाता है। रावल भीमाशंकर लिंग ने बताया कि भगवान भैरवनाथ से बाबा केदार की यात्रा के सकुशल संचालन व सुख-समृद्धि की मनौति मांगी जाती है। वे, पूरे क्षेत्र के क्षेत्रपाल हैं, इसलिए सर्वप्रथम उनका आह्वान किया जाता है।
यह है मान्यता
भगवान भैरवनाथ, बाबा केदार के क्षेत्रपाल के रूप में पूजे जाते हैं। मान्यता है कि अराध्य देवता केदारनाथ धाम की रक्षा करते हैं। श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन का पुण्य तभी प्राप्त होता है, जब वे भगवान भैरवनाथ के दर्शन भी करते हैं। केदारनाथ में कपाटोद्घाटन से पहले शनिवार या मंगलवार को भगवान भैरवनाथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। उसके बाद ही बाबा केदार की सांयकालीन आरती शुरू होती है। यह परंपरा कपाट बंद होने के दौरान भी होती है।