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Chardham Yatra 2020 : बारिश व बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट

Mon, 16 Nov 2020 04:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 16 Nov 2020 04:44 PM IST
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Char dham yatra 2020 latest news: Kedarnath Dham Doors closed Today in bhaiya dooj
विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए केदारनाथ धाम के कपाट - फोटो : amar ujala

बारिश व बर्फबारी के बीच बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए सुबह 8.30 बजे विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली ने मंदिर की तीन परिक्रमा के बाद मराठा रेजीमेंट की बैंड धुनों के साथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।

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इस मौके यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत डेढ़ हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। बाबा की डोली पैदल मार्ग से गौरीकुंड, सोनप्रयाग में भक्तों को दर्शन देते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंची। 18 नवंबर को बाबा केदार छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।
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 सोमवार तड़के तीन बजे से मंदिर के गर्भगृह में मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग द्वारा बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना शुरू की गई। भव्य श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाते हुए आरती उतारी गई। इसके बाद स्वयंभू लिंग को समाधि रूप देकर भष्म से ढककर विधि-विधान के साथ समाधि पूजन किया गया।

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बर्फबारी के बीच बाबा के भक्तों का उल्लास अपने चरम पर रहा

भगवान भैरवनाथ को साक्षी मानकर सुबह 6.30 बजे केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह के कपाट विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। इस मौके पर पंचमुखी भोगमूर्ति को गर्भगृह से मंदिर परिसर में विराजमान किया गया। लगातार होती तेज बर्फबारी के बीच बाबा के भक्तों का उल्लास अपने चरम पर रहा।

तत्पश्चात सुबह 8.30 बजे मंदिर के सभामंडप और मुख्य कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली ने मंदिर की तीन परिक्रमा करते हुए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।

कपाट बंद होने के समय धाम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, औद्योगिक सलाहकार डा. केएस पंवार, विशेष सचिव डा. पराग मधुकर धकाते, डीएम मनुज गोयल, एसपी नवनीत सिंह भुल्लर, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, युद्धवीर सिंह पुष्पवाण, अरविंद शुक्ला, सुभाष सेमवाल, डीडीएमओ एनएस रजवार, देवानंद गैरोला, वयोवृद्ध तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, एसएस बिष्ट, मनोज सेमवाल समेत लगभग डेढ़ हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। 

17 नवंबर को गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी डोली

बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली मराठा रेजीमेंट के बैंड की सुरीली धुनों के साथ पैदल मार्ग पर रुद्रा प्वाइंट, छानी कैंप, लिनचोली, रामबाड़ा, भीमबली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग होते हुए पहले पड़ाव रामपुर पहुंची। जहां पर देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी व प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल डोली की अगवानी की।

मंगलवार 17 नवंबर को बाबा केदार की डोली रात्रि प्रवास के लिए गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। जबकि 18 नवंबर को छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो जाएगी। 

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