फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   change in uttarakhand bureaucracy.

नए साल में नए कलेवर में नजर आएगी ब्यूरोक्रेसी

Tue, 15 Dec 2015 11:41 AM IST
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 15 Dec 2015 11:41 AM IST
विज्ञापन
change in uttarakhand bureaucracy.

कामकाज के लिहाज से उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी में एक बड़ी खेप फ्रंट पर आकर काम करने को तैयार है।

विज्ञापन


दरअसल, 1986 बैच के तीन अफसरों को सीएस ग्रेड में प्रमोशन देने और 2003 बैच के सात अफसरों को प्रभारी सचिव बनाकर स्वतंत्र रूप से विभागों का आवंटन करने की तैयारी शासन में हो रही है। प्रभारी सचिव बनने वाले अफसर अभी तक अपर सचिव के पद पर तैनात हैं।

उत्तराखंड में 1983 बैच के शत्रुघ्न सिंह मुख्य सचिव और एस राजू अपर मुख्य सचिव हैं। 1985 बैच के अनूप वधावन और 1986 बैच के उत्पल कुमार सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। 1986 बैच के ही राज्य में तैनात दो अफसरों को सीएस ग्रेड में प्रमोशन होगा और उत्पल कुमार सिंह को प्रोफार्मा पदोन्नति मिलेगी।
विज्ञापन


2003 बैच के सात आईएएस अफसरों प्रभारी सचिव बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। कुछ आईपीएस अफसरों के भी प्रमोशन होने हैं। हालांकि पुलिस में प्रमोशन को लेकर जटिलता है, क्योंकि महकमे में आईजी व डीआईजी के पद रिक्त नहीं हैं। इसलिए अतिरिक्त पद की मंजूरी के लिए फाइल केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन्हें मिलेगा मुख्य सचिव ग्रेड

1986 बैच के उत्पल कुमार सिंह, एस रामास्वामी व डॉ. रणबीर सिंह को मिलेगा सीएस ग्रेड।

ये अपर सचिव बनेंगे प्रभारी सचिव

2003 बैच के आईएएस अफसरों को प्रभारी सचिव बनाया जाना है। इनमें सौजन्या (कर्नाटक में प्रतिनियुक्ति पर), दिलीप जावलकर टैक्स कमिश्नर, सचिन कुर्वे (महाराष्ट्र में प्रतिनियुक्ति पर), हरबंश चुघ व चंद्रशेखर भट्ट डीएम, अरविंद ह्यांकि और उषा शुक्ला अपर सचिव हैं।

प्रभारी सचिव बनने पर हरिद्वार के डीएम चुघ और पौड़ी डीएम चंद्रशेखर भट्ट का हटना तय माना जा रहा है। लेकिन इस मामले में नई नजीर सामने आ गई है।

ब्यूरोक्रेसी में अब इस बात का दावा होने लगा है कि जब एक साल पहले प्रभारी सचिव बन चुके आर मीनाक्षी सुंदरम वीसी एमडीडीए जैसे छोटे पद पर जमे रह सकते हैं तो अभी बनने वाले प्रभारी सचिव डीएम की कुर्सी पर क्यों नहीं रह सकते। दावा भले ही हो, लेकिन डीएम पर तलवार लटकी रहेगी।

आईपीएस में इनका हक बनता है
1998 बैच के डीआईजी कार्मिक अजय प्रसाद अंशुमन और कुंभ मेला डीआईजी जीएस मार्तोलिया एक जनवरी 2016 को आईजी के लिए अर्ह हो जाएंगे। लेकिन आईजी का कोई पद रिक्त नहीं है, इसलिए केंद्र से अनुमति मांगी है।


इसी तरह 2002 बैच के एसपी विजिलेंस वीपी सिंह डीआईजी के लिए अर्ह होंगे, लेकिन डीआईजी का पद भी रिक्त नहीं है। 2003 बैच की विम्मी सचदेवा को चयन वेतनमान मिलेगा, इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed