{"_id":"5a6452404f1c1b74268b5873","slug":"challenge-in-river-training-policy-in-high-court","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रिवर ट्रेनिंग नीति को हाईकोर्ट में मिली चुनौती, सरकार को छह हफ्ते में देना होगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिवर ट्रेनिंग नीति को हाईकोर्ट में मिली चुनौती, सरकार को छह हफ्ते में देना होगा जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:18 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : amar ujala /file photo
उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में लागू रिवर ट्रेनिंग पॉलिसी 2016 पर प्रदेश सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पौड़ी जिले के धूमाकोट निवासी विनोद बिष्ट ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में 30 सितंबर 2016 से यह नीति लागू है।
विज्ञापन
इस नीति के तहत किए जाने वाले उप खनिजों के चुगान के लिए कोई पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई है। नीति संबंधी कार्यों का पूरा दायित्व संबंधित जिलाधिकारी को दिया गया है।
विज्ञापन
Trending Videos
नीति में सरकार को पारदर्शिता की कमी को दूर करने के निर्देश
trivendra singh rawat
पारदर्शिता नहीं होने से जिलाधिकारी स्वेच्छा से कभी भी खनन की अनुमति दे सकते हैं। याचिका में नीति में सरकार को पारदर्शिता की कमी को दूर करने तथा निश्चित प्रक्रिया के लिए प्रावधान शामिल करने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि बरसात के मौसम में पानी की मात्रा और बहाव बढ़ने से प्रदेश की छोटी नदियों, गाड़, गधेरों में भारी मात्रा में बोल्डर, पत्थर जमा हो जाते हैं। बाढ़ के खतरे से बचने के लिए हर बरसात के बाद नदियों में जमा होने वाले इन उप खनिजों को हटाना जरूरी हो जाता है।
यह काम किस तरह किया जाए यह रिवर ट्रेनिंग पॉलिसी में तय किया गया है। एकल पीठ ने सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने कहा है।
याचिका में कहा गया है कि बरसात के मौसम में पानी की मात्रा और बहाव बढ़ने से प्रदेश की छोटी नदियों, गाड़, गधेरों में भारी मात्रा में बोल्डर, पत्थर जमा हो जाते हैं। बाढ़ के खतरे से बचने के लिए हर बरसात के बाद नदियों में जमा होने वाले इन उप खनिजों को हटाना जरूरी हो जाता है।
यह काम किस तरह किया जाए यह रिवर ट्रेनिंग पॉलिसी में तय किया गया है। एकल पीठ ने सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने कहा है।