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उत्तराखंड: कारखानों और निकायों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अल्टीमेटम

Sun, 01 Mar 2020 02:06 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर (उधमसिंह नगर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर (उधमसिंह नगर) Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 01 Mar 2020 02:06 PM IST
सार

  • एक अप्रैल से नदियों में प्रदूषित पानी छोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
  • संबंधित निकायों पर भी लगाया जाएगा पांच लाख का जुर्माना
  • वायु प्रदूषण मापने के लिए काशीपुर में तीन स्थानों पर लगेंगी मशीनें 

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Central Pollution Control Board ultimatum to factories and Corporations in uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

भारत सरकार के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) लखनऊ परिक्षेत्र के डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि स्थानीय निकाय क्षेत्रों के नालों में 31 मार्च के बाद कारखानों का प्रदूषित पानी मिलेगा तो उन कारखानों पर तो कार्रवाई होगी, साथ ही संबंधित क्षेत्र के निकायों पर भी पांच लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। डॉ. देवेंद्र ने बताया कि वायु प्रदूषण मापने के लिए काशीपुर में तीन स्थानों पर मशीनें लगाई जाएंगी।  

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रुद्रपुर मार्ग स्थित एक होटल में शनिवार को केंद्रीय पीसीबी के निदेशक डॉ. देवेंद्र सोनी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि देश में करीब 110 नगर ऐसे हैं, जहां मानक से अधिक प्रदूषण मिला है। इनमें उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर भी शामिल हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन नगरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान बनाया है।
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उन्होंने स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से नगर निगम, सिंचाई विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, पेयजल निगम, निर्माण विभागों को प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. देवेंद्र ने एआरटीओ अनीता चंद से धुआं फेंकने वाले वाहनों, बिना ढके रेत ले जाने वाले वाहनों और बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर कार्रवाई करने को कहा। 
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नगर आयुक्त बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण पर नगर निगम सजग है। कूड़ा निस्तारण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। नालों का पानी साफ करने के लिए अमृत योजना में ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है। पेयजल निगम नमामि गंगे योजना में 114 करोड़ की लागत से सीवर लाइन के सीवर व नाले का ट्रीटमेंट प्लाट का डीपीआर बनाकर भेजा गया है। संचालन प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजीत सिंह ने किया। वहां एई ज्योति, राजीव शर्मा, डॉ. आशुतोष भट्ट, अक्षय कुमार, संजीव नौटियाल, पंकज, पीके अग्रवाल आदि थे।

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