उत्तराखंड: सात साल इंतजार के बाद स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट को मिली केंद्र सरकार की मंजूरी
- 120 करोड़ की लागत से बनेगा यह इंस्टीट्यूट, 152 स्थायी पद स्वीकृत हो गए थे पिछले साल
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उत्तराखंड के स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट में स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट बनने का रास्ता साफ हो गया है। सात वर्षों के इंतजार के बाद इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। 120 करोड़ रुपये से बनने वाले स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में नए अस्पताल से लेकर कैंसर रोग विशेषज्ञों की सुविधा मरीजों को मिल सकेगी।
हालांकि अभी वन विभाग की जमीन का पेच अभी नहीं सुलझा है। केंद्र सरकार ने 120 करोड़ रुपये का स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट का प्रोजेक्ट 2014 में राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी को दिया था।
केंद्र सरकार और मेडिकल कालेज प्रबंधन की ओर से इंस्टीट्यूट को लेकर पत्राचार चल रहा था। दो माह पहले केंद्र सरकार की टीम ने स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट में आकर निरीक्षण किया था। स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए पिछले वर्ष 152 स्थायी पद स्वीकृत हो गए थे।
केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद अब इंस्टीट्यूट में सौ बेड का नया अस्पताल बनने के साथ ही नए उपकरण भी आएंगे। कैंसर के मरीजों को अंकोलॉजी फिजीशियन और अंकोलॉजी सर्जन की सुविधा भी यही पर मिल सकेगी।
मरीजों को कैंसर विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि लगभग 14 हेक्टेयर वन भूमि को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है। मेडिकल कालेज प्रबंधन और शासन के बीच जमीन हस्तांतरित करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट को स्वीकृति मिलने की अनौपचारिक रूप से जानकारी मिल गई है। दो-तीन दिन के भीतर स्वीकृति संबंधी कागज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आने की संभावना है।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज