Uttarakhand: दून में एक लाख करोड़ का हुआ कैशलेस लेनदेन, पहाड़ पर ऑनलाइन पेमेंट की धमक
डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड में भी नकद भुगतान के बजाए डिजिटल लेन-देन को पसंद किया जा रहा है।
विस्तार
एक साल में हुए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में 1.31 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन राजधानी दून में किया जा रहा है। दून के बाशिंदे ही नहीं यहां आने वाले पर्यटक भी नकद के बजाए ऑनलाइन पेमेंट को पसंद कर रहे हैं।
यहां एक साल में 13 करोड़ से अधिक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में एक लाख करोड़ से अधिक का कैशलेस भुगतान किया गया। इसमें सर्वाधिक डिजिटल भुगतान यूपीआई से किया जा रहा है। डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड में भी नकद भुगतान के बजाए डिजिटल लेन-देन को पसंद किया जा रहा है।
इसमें डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट, प्रीपेड कार्ड और यूपीआई जैसी प्रीपेड पेमेंट सुविधाएं शामिल हैं। उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट बताती है कि राज्य में देहरादून ने सबसे तेजी से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को स्वीकारा है। प्रदेश में वर्ष 2023-2024 में कुल 3.5 लाख करोड़ का आनलाइन भुगतान हुआ, इसमें एक तिहाई लेन-देन अकेले देहरादून में ही किया गया।
पहली पसंद-यूपीआई
देहरादून ही नहीं पूरे उत्तराखंड में ऑनलाइन लेन-देन के लिए यूपीआई पहली पसंद के तौर पर सामने आया है। राज्य में जहां 24 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन वर्ष 2023-24 में हुए, इसमें आठ करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन सिर्फ देहरादून में किए गए। इन ट्रांजेक्शन में 64 हजार करोड़ से अधिक का लेन-देन किया गया। देहरादून के बाद यूपीआई से सर्वाधिक ट्रांजेक्शन हरिद्वार में किया गया। यहां पांच करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शनों के जरिए 52 हजार करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ।
दूसरी पसंद आईएमपीएस प्रणाली
आईएमपीएस भुगतान प्रणाली को भी दून के लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यूपीआई के बाद आईएमपीएस प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इसमें अकाउंट होल्डर को एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है। यह मोबाइल फोन के माध्यम से फंड ट्रांसफर करने के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है। अकाउंट होल्डर मोबाइल बैंकिंग ऐप व बैंक के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए भुगतान कर सकते हैं। अकाउंट नंबर व आईएफएससी कोड दर्ज कर आसानी से फंड ट्रांसफर किया जा रहा है। इस सुविधा के जरिए दूनवासियों ने 57 करोड़ से अधिक का लेनदेन किया।
तीसरी पसंद - भीम आधार एप
यूपीआई के बाद ऑनलाइन पेमेंट के लिए दूनवासियों को सबसे अधिक भरोसा भीम आधार एप पर है। राज्य में 18 करोड़़ से अधिक ट्रांजेक्शन इस एप के जरिए किए गए। इसमें करीब पांच करोड़ ट्रांजेक्शन देहरादून में हुए। इसमें 7216 करोड़़ से अधिक का लेन-देन हुआ। इस माध्यम का प्रयोग करने में भी हरिद्वार दूसरे नंबर पर रहा।
डिजिटल पेमेंट के फायदे
-कैश रखने, प्लास्टिक कार्ड, बैंक या एटीएम की लाइन में लगने की जरूरत नहीं।
-डिजिटल पेमेंट में कहीं भी और कभी भी पेमेंट करने की सुविधा, ऑफिस आवर में पेमेंट का झंझट नहीं।
-कार्ड ट्रांजेक्शन पर पेट्रोल खरीदने, रेल टिकट, हाइवे पर टोल, बीमा खरीदने जैसी कई छूट मिलती हैं।
-ई-वालेट कंपनियों के कैशबैक ऑफर, रिवार्ड पॉइंट्स और लॉयल्टी बेनिफिट से बचत बढ़ सकती है।
-खर्च को ट्रैक करना आसान होता है। आपके सभी खर्च आपके सामने रहेंगे और सबका हिसाब रहेगा।
दून में डिजिटल ट्रांजेक्शन पर नजर
| माध्यम | ट्रांजेक्शन | लेन-देन की रकम |
| यूपीआई | 80738887 | 64617 |
| आईएमपीएस | 2537579 | 57109 |
| भीम आधार | 48104045 | 7216 |
| डेबिट-क्रेडिट कार्ड | 5459099 | 2335 |
| यूएसएस | 2177138 | 444 |
| भारत क्यूआर कोड | 144043 | 174 |
| कुल | 139160791 | 131895 |
(लेनदेन की सभी रकम करोड़ में है।)
देहरादून में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को निर्देशित किया गया है, बैंकों के साथ बैठकर रणनीति भी तैयार की गई है, जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, इसका असर भी देखने को मिल रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। -झरना कमठान, मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून।