लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   CAG Report: 66 thousand crore Rupees Debt worth on Uttarakhand Government

कैग की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता: 66 हजार करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबी उत्तराखंड सरकार, विकास दर भी घटी

राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 27 Aug 2021 11:14 AM IST
सार

रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2020 तक उत्तराखंड सरकार  65,982 करोड़ के कर्ज के तले दब चुकी थी। पिछले पांच सालों में कर्ज का यह ग्राफ लगातार बढ़ा है।

कैग रिपोर्ट
कैग रिपोर्ट - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार

चुनावी साल में प्रदेश सरकार बेशक ताबड़तोड़ लुभावनी घोषणाएं कर रही हो, लेकिन राज्य की अर्थव्यवस्था कर्ज के ईंधन से ही चल रही है। इस बात की तस्दीक कैग रिपोर्ट करती है। बृहस्पतिवार को विधानसभा के पटल पर आई कैग रिपोर्ट से सरकार पर बढ़ते कर्ज की हकीकत से पर्दा उठता है।



कैग का खुलासा: यूपीसीएल में पिछले साल तक 577 करोड़ का घाटा, सार्वजनिक क्षेत्र की केवल 10 कंपनियां ही मुनाफे में


रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2020 तक उत्तराखंड सरकार  65,982 करोड़ के कर्ज के तले दब चुकी थी। पिछले पांच सालों में कर्ज का यह ग्राफ लगातार बढ़ा है। कैग ने न सिर्फ राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं बल्कि राज्य सकल घरेलू उत्पाद (एसडीजीपी) में भारी गिरावट का भी खुलासा किया है। यह आंकड़ा कैग ने राज्य सरकार के अर्थ एवं संख्या विभाग की रिपोर्ट के हवाले से दिया है।

उत्तराखंड: कैग ने उठाए सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल, ठप उपक्रमों को बंद करने की सिफारिश की

रिपोर्ट के मुताबिक, सकल राज्य घरेलू उत्पाद की दर 2015-16 में 9.74 प्रतिशत थी, जो 2017-18 में पांच सालों में सबसे अधिक 14.20 फीसदी रही। लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट दर्ज हुई।

2019-20 में यह 3.16 प्रतिशत तक गिर गई। मार्च 2020 के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 महामारी की जबर्दस्त मार पड़ी। आर्थिक मामलों के जानकारों के मुताबिक, राज्य सरकार को सामाजिक व आर्थिक क्षेत्रों में पूंजीगत खर्च बढ़ाना होगा ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक असर दिखे। 

यूं बढ़ता जा रहा है कर्ज का ग्राफ

वर्ष           सरकार पर बकाया ऋण  सकल राज्य घरेलू उत्पाद
2015-16           39069                        9.74
2016-17          44,583                        10.14
2017-18          51,831                        14.20
2018-19         58,039                         10.35
2019-20         65,982                         3.16  
(नोट: धनराशि करोड़ में व सकल राज्य घरेलू उत्पाद प्रतिशत में)

886 करोड़ के काम अधूरे मिले
कैग ने ऑडिट के दौरान पाया कि लोक निर्माण विभाग के विभिन्न डिविजनों में सड़कों व पुलों के 210 काम अधूरे पड़े थे। इनमें से कुछ काम चल रहा था। ये सभी कार्य 886 करोड़ 43 लाख लागत के थे।

कैग की सलाह, आय बढ़ाए सरकार

कैग राज्य के वित्त को लेकर अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार से स्वयं के कर राजस्व में बढ़ोतरी करने की सलाह दी है।  टैक्स फ्री स्टेट के लोभ में सरकार खुद की आय में बढ़ोतरी की खुली राह तैयार नहीं कर पा रही है।

कैग की सिफारिशें
- करों के लंबित दावों को समय से निपटाया जाए।
- राजस्व की बकाया वसूली हो। बेहतर संसाधन जुटाने के करेत्तर राजस्व में बढ़ोतरी की जाए। 
- सकल राज्य घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए सरकार को सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में पूंजीगत खर्च बढ़ाने होंगे।
- सरकार लाभ देने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निवेश की गई पूंजी पर उचित प्रतिफल लगा सकती है
- विभिन्न क्षेत्रों में  बांटे गए ऋणों की वसूली संतोषजनक नहीं है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में संसाधनों का आवंटन बढ़ाया जाना चाहिए।
- अधूरी योजनाओं को समय पर पूरी हों ताकि उनकी लागत में बढ़ोतरी से बचा जा सके
- गारंटी कमीशन शुल्क की वसूली सुनिश्चित कर सकती है और इसे गारंटी मोचन निधि में जमा कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00