{"_id":"68c32c9ac55a3102a40c8300","slug":"cadet-dies-due-to-drowning-during-swimming-training-at-ima-dehradun-news-c-5-1-drn1031-786505-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: आईएमए में तैराकी प्रशिक्षण के दौरान डूबने से कैडेट की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: आईएमए में तैराकी प्रशिक्षण के दौरान डूबने से कैडेट की मौत
विज्ञापन
Iप्रशिक्षण के दौरान हुई घटना
I
Iभारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में बृहस्पतिवार सुबह तैराकी प्रशिक्षण के दौरान 33 वर्षीय कैडेट बालू एस की डूबने से मौत हो गई। वह केरल के त्रिवेंद्रम जिले के रहने वाले थे। आईएमए प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पता लगाया जाएगा कि हादसे के पीछे किसी की लापरवाही या अन्य कोई वजह तो जिम्मेदार नहीं है।I
Iकैंट थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि आईएमए से जानकारी मिली है कि कैडेट को डूबता देखकर पूल से तुरंत बाहर निकाला गया था, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। कैडेट बालू का चयन आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) के माध्यम से स्पेशल कमीशंड ऑफिसर के तौर पर हुआ था। चयन के बाद आईएमए में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आईएमए प्रबंधन ने घटना की तत्काल जानकारी स्थानीय पुलिस और कैडेट के परिवार को दी। मृतक का पंचनामा किया गया है।
I
Iबता दें कि एसीसी के जरिये चयनित कैडेट तीन साल की ग्रेजुएशन डिग्री के साथ शुरुआती सैन्य प्रशिक्षण पूरा करते हैं, उसके बाद चौथे वर्ष में आईएमए के कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं। अपनी अंतिम ट्रेनिंग पूरी करके पास आउट होते हैं।I
विज्ञापन
Iप्रशिक्षण के दौरान पहले भी दम तोड़ चुके हैं कैडेट्सI
Iआईएमए में इससे पहले भी सैन्य प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले अगस्त 2017 में दो कैडेट ने 10 किलोमीटर की दौड़ के दौरान दम तोड़ दिया था। साल 2019 में लांघा रोड के पास एक कैडेट रात के नेविगेशन प्रशिक्षण के दौरान एक गहरी खाई में गिरने की वजह से मृत पाए गए।I
विज्ञापन
I
Iभारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में बृहस्पतिवार सुबह तैराकी प्रशिक्षण के दौरान 33 वर्षीय कैडेट बालू एस की डूबने से मौत हो गई। वह केरल के त्रिवेंद्रम जिले के रहने वाले थे। आईएमए प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पता लगाया जाएगा कि हादसे के पीछे किसी की लापरवाही या अन्य कोई वजह तो जिम्मेदार नहीं है।I
Iकैंट थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि आईएमए से जानकारी मिली है कि कैडेट को डूबता देखकर पूल से तुरंत बाहर निकाला गया था, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। कैडेट बालू का चयन आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) के माध्यम से स्पेशल कमीशंड ऑफिसर के तौर पर हुआ था। चयन के बाद आईएमए में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आईएमए प्रबंधन ने घटना की तत्काल जानकारी स्थानीय पुलिस और कैडेट के परिवार को दी। मृतक का पंचनामा किया गया है।
विज्ञापन
I
Iबता दें कि एसीसी के जरिये चयनित कैडेट तीन साल की ग्रेजुएशन डिग्री के साथ शुरुआती सैन्य प्रशिक्षण पूरा करते हैं, उसके बाद चौथे वर्ष में आईएमए के कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं। अपनी अंतिम ट्रेनिंग पूरी करके पास आउट होते हैं।I
विज्ञापन
Iप्रशिक्षण के दौरान पहले भी दम तोड़ चुके हैं कैडेट्सI
Iआईएमए में इससे पहले भी सैन्य प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले अगस्त 2017 में दो कैडेट ने 10 किलोमीटर की दौड़ के दौरान दम तोड़ दिया था। साल 2019 में लांघा रोड के पास एक कैडेट रात के नेविगेशन प्रशिक्षण के दौरान एक गहरी खाई में गिरने की वजह से मृत पाए गए।I