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मोदी का बजट बुझाएगा उत्तराखंड की प्यास
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 12 Jul 2014 01:15 AM IST
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केंद्रीय बजट में शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल व्यवस्था करने के लिए 50 हजार करोड़ की राशि के प्रावधान ने उत्तराखंड पेयजल निगम की उम्मीदें भी जगा दी हैं।
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निगम केंद्र सरकार को 147 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का प्रस्ताव भेजने वाला है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की उपलब्धता को बढ़ाने से लेकर शहरों में नए ट्यूबवेल लगाने का काम शामिल है।
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बजट में है पेयजल पर फोकस
हाल में संसद में पेश बजट में देशभर के गांवों में स्वच्छ पेयजल देने और शहरों में पानी की अधिक उपलब्धता पर जोर दिया गया है। सीवर लाइन, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम किया जाना है।
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निगम के एमडी भजन सिंह बताते हैं कि बजट में अच्छी खासी रकम की व्यवस्था होने से उत्तराखंड को भी नई योजनाएं शुरू करने और पुरानी अटकी योजनाओं पर दोबारा काम करने के लिए पर्याप्त बजट मिलने की उम्मीद है।
गांवों पर होगा निगम का फोकस
बताया कि अभी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पानी दिया जा रहा है। इसे 55 लीटर प्रतिदिन करने की योजना पर लंबे समय से काम नहीं हो पा रहा था। इसकी वजह लाइनों की मरम्मत न हो पाना, पेयजल स्रोतों में पानी की कमी आदि थी।
कहा कि बजट मिलते ही सबसे पहले गांवों पर फोकस कर पानी बढ़ाया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी लाइनों की मरम्मत, सप्लाई व्यवस्था बेहतर करने पर काम होगा।
केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
एमडी ने बताया कि बजट में गंगा की सफाई और घाटों के निर्माण का भी प्रावधान है। उत्तराखंड के बड़े क्षेत्र से नदियां गुजरती हैं। ऐसे में अब यहां गंगा की सफाई पर मॉडिफाइड प्लान बनाया जाएगा।
इसके अलावा इंप्लीमेंटिंग एजेंसी होने के नाते हरिद्वार और ऋषिकेश में बेहतरीन घाट बनाए जाएंगे। सिंह ने कहा कि इन सब कार्यों के लिए कुल 147 करोड़ के प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाएंगे।