पैसों के लिए भाईयों ने किया शर्मनाक काम, 11 साल की मासूम को कर दिया दरिंदों के हवाले
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पैसों के लिए दो भाईयों ने शर्मनाक काम कर इंसानियत को भी शर्मिंदा कर दिया। दो भाईयों ने अपनी 11 साल की मासूम बहन को चंद पैसों के लिए दरिंदों के हवाले कर दिया।
बता दें कि बिहार के नालंदा जिले की 11 बरस की मासूम को सैक्स रैकेट संचालिका उर्मिला को 55 हजार में बेचा था। हरिद्वार पुलिस की गिरफ्त में आए मासूम के सौदागरों ने इसका खुलासा किया है। पुलिस की कोशिश अब मासूम की चचेरी बहन को मुक्त कराने की है। दिल्ली से चल रहे मासूमों की खरीद फरोख्त के इस घिनौने खेल की कड़ियां जोड़ने में भी पुलिस जुटी है।
थाना कनखल में पत्रकारों को जानकारी देते हुए नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि मानव तस्करी निरोधक दस्ते ने सैक्स रैकेट संचालिका उर्मिला को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। इस दौरान सामने आया कि ये सब कई वर्ष से दिल्ली में रहते है और पेशे से टैक्सी और ऑटो चालक है। वे दोनों मासूमों को लेकर हरिद्वार आए थे।
उन्होंने 55 हजार में छोटी बहन को बेच दिया था, जबकि बड़ी बहन को दिल्ली में बेचा है। एसपी सिटी ने बताया कि ये आरोपी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सक्रिय रहते है। रिमांड के दौरान पूछताछ के आधार पर मानव तस्करी निरोधक दस्ते, सीआईयू और कनखल पुलिस ने दिल्ली में छापामारी करते हुए प्रकाश में आए मुख्य आरोपी सुनील सिंह पुत्र चंद्र सिंह निवासी गोलाबाजार गोरखपुर
पांच साल पहले भी बेची थी एक मासूम
जावेद पुत्र अली अंसारी निवाी बरईटोला बहादरपुर गोविंद गंज जिला मुजफ्फरपुर एवं सलीम पुत्र मोइन निवासी बारिपुर थाना नरपतगंज जिला हडिया बिहार को शुक्रवार देर रात दिल्ली से ही गिरफ्तार किया गया। मासूमों की खरीद फरोख्त के धंधे में शामिल अन्य आरोपियों की धरपकड़ के भी प्रयास चल रहे हैं। इस दौरान सीओ कनखल जयदेव आर्य, निरीक्षक साधना त्यागी, एसओ अनुज सिंह मौजूद रहे।
पांच साल पहले भी बेची थी एक मासूम
पुलिस की मानें तो पांच साल से मुख्य आरोपी सुनील का उर्मिला से संपर्क था। तब भी उसने एक मासूम को उर्मिला को बेचा था। नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मासूम के बारे में जानकारी जुटा रहे है। एक आरोपी की पत्नी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया हुआ है। कोशिश है कि उसकी मदद से नेटवर्क की अधिक जानकारी जुटाई जा सकें।
मासूम को सामान कहकर किया संबोधित
मासूम को बेचने के मुख्य आरोपी पेशे से चालक सुनील ने पुलिस के समक्ष कबूला कि उसने सामान यानि मासूम को उर्मिला को बेचा था। उर्मिला को वो ही पसंद आई थी। इसलिए दूसरी को अपने साथ ले जाना पड़ा। आरोपी ने जब मासूम को सामान कहकर संबोधित किया तब सब एक दूसरे की शक्ल देखने लगे।