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उत्तराखंड: नहीं मिल रहे ब्लैक फंगस के इंजेक्शन, लखनऊ और दिल्ली से हल्द्वानी आना चाहते हैं मरीज
Thu, 27 May 2021 11:39 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 27 May 2021 11:39 PM IST
सार
देश में ब्लैक फंगस के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एंफोटेरेसिन इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते कई मरीजों के परिजन हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने की अनुमति मांग रहे हैं।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं। ब्लैक फंगस में प्रयोग होने वाला इंजेक्शन एंफोटेरेसिन बी न मिलने के कारण लखनऊ और दिल्ली के मरीज सुशीला तिवारी अस्पताल में संपर्क साध रहे हैं और यहां आने की अनुमति मांग रहे हैं।
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सरकार की ओर से सीधे सरकारी अस्पतालों को इसकी आपूर्ति की जा रही है। इंजेक्शन के लिए गढ़वाल और कुमाऊं में नोडल अधिकारी बना दिए गए हैं। उन्हीं के माध्यम से इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों को जा रहे हैं।
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एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि लखनऊ और दिल्ली के बड़े अस्पतालों से डॉक्टर संपर्क साध रहे हैं। साथ ही कुछ मरीजों के परिजन भी फोन करके मरीज को लाने की अनुमति मांग रहे हैं। ब्लैक फंगस में प्रयोग होने वाला इंजेक्शन न मिलने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। डॉ. जोशी ने कहा कि ब्लैक फंगस से ग्रस्त जो भी मरीज आएगा उसको इलाज दिया जाएगा।
ब्लैक फंगस के तीन और मरीज एसटीएच में भर्ती
सुशीला तिवारी अस्पताल में ब्लैक फंगस के तीन और मरीज भर्ती हुए हैं। दो में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है जबकि एक का लक्षणों के आधार पर इलाज चल रहा है। एसटीएच में ब्लैक फंगस के कुल सात मरीज भर्ती हैं। दो मरीज निजी चिकित्सालय में भर्ती हैं। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि रुद्रपुर निवासी 50 वर्षीय महिला कोविड पॉजिटिव है और ब्लैक फंगस से ग्रस्त है। खटीमा के 57 वर्षीय व्यक्ति को भर्ती कराया गया है।
कोविड पॉजिटिव होने के साथ ही ब्लैक फंगस से ग्रस्त हैं। 45 वर्षीय किच्छा निवासी कोविड पॉजिटिव हैं मगर इनकी ब्लैक फंगस की रिपोर्ट का इंतजार हैं। लक्षणों के आधार पर इनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस से ग्रस्त किच्छा के मरीज की हालत अभी गंभीर है। काशीपुर के ब्लैक फंगस के मरीज की हालत ठीक है। काशीपुर के मरीज का भी ऑपरेशन किया गया था। कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉ. हरभजन सिंह ने बताया कि ब्लैक फंगस के दोनों मरीजों की हालत स्थिर है।
एसटीएच में 197 भर्ती, ऑक्सीजन के 246 बेड खाली
11 मरीजों के डिस्चार्ज होने के कारण एसटीएच में 47 दिन बाद कोविड मरीजों की संख्या दो सौ से कम यानी 197 रह गई है। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि एसटीएच में ऑक्सीजन के 246 बेड खाली हैं लेकिन आईसीयू बेड फुल हैं। 28 की हालत बहुत गंभीर है। 80 की हालत गंभीर है।
261 केस आए, छह की मौत
नैनीताल जिले में बृहस्पतिवार को कोविड के 261 केस आए। एसटीएच में कोविड पॉजिटिव छह मरीजों की मौत हो गई। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 1116 की रिपोर्ट का इंतजार है। 1367 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।