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बीजेपी सांसद तीरथ सिंह रावत बोले, राम जन्म भूमि मामला कोर्ट में नहीं होता तो कब का समाधान हो जाता

Tue, 17 Sep 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 17 Sep 2019 08:27 AM IST
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Bjp mp tirath singh rawat told If Ram mandir issue is not in supreme court then it resolved
तीरथ सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पास हुए हैं जो आज से पहले कभी नहीं हुए। तीन तलाक कानून और जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाया जाना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

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राम जन्म भूमि का मामला कोर्ट में होने के कारण इसका समाधान नहीं हो पाया है। यह मामला कोर्ट में नहीं होता तो इसका भी समाधान कब का हो चुका होता। सोमवार को मुनिकीरेती पहुंचने पर सांसद तीरथ सिंह रावत की ओर से पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। 
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इस मौके पर सांसद ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और तीन तलाक कानून दोनों सदनों में भारी बहुमत से पास हुआ है। इस उपलब्धि को देश की जनता ने भी सराहा है। दो ध्वज, दो निशान और दो प्रधान समाप्त कर केंद्र सरकार ने देश को सही मायने में पूरी आजादी दिलाई है।
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उन्होंने कहा कि  हिंदू और विशेष समुदाय में जन संख्या वृद्धि को लेकर एक पॉलिसी नीति लाने पर विचार किया जा रहा है। देश की जनता ने जिस प्रकार केंद्र की मोदी सरकार पर विश्वास करके भारी बहुमत से केंद्र की सत्ता सौंपी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश का सांसद होने के नाते उत्तराखंड की समस्याओं को संसद में रखने मौका मिला है। प्रदेश का सबसे बड़ा पलायन का मुद्दा है, जिसे संसद में उठा चुका हूं।

ईको सेंसिटिव जोन कानून का हो सरलीकरण
प्रदेश में पानी की समस्या का समाधान जन आंदोलन के तहत पूरा किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रदेश के हर घर को पानी और नल मिल जाएगा। ईको सेंसिटिव जोन के बारे में उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में कई गांव 1942 से बसे हैं।

इन गांवों में वन अधिनियम का कानून आड़े आ रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार को ईको सेंसिटिव जोन कानून को सरलीकरण किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष राकेश सेंगर, रोशन रतूड़ी, चंद्रवीर पोखरियाल, जयप्रकाश कोठारी, भगवती काला, बीना जोशी, पुष्पा ध्यानी, इंदिरा आर्य, राकेश भट्ट, भगवती काला आदि मौजूद थे।

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