लोकायुक्त को लेकर भाजपा ने बनाया ऐसा 'मास्टर प्लान', जिससे चारों खाने चित्त हो जाएगा विपक्ष
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प्रदेश सरकार ने विपक्ष के लगातार विरोध के बाद लोकायुक्त को लेकर मास्टर प्लान तैयार किया है। सरकार के इस प्लान से कांग्रेस चारों खाने चित्त हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त विधेयक की गेंद विपक्ष के पाले में डालने की तैयारी में है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि लोकायुक्त विधेयक को लेकर बनी प्रवर समिति की रिपोर्ट अब कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लाई जाएगी। बैठक में चर्चा के बाद लोकायुक्त विधेयक सदन में पारित कराने के लिए लाया जाएगा। सरकार की इस कवायद को रणनीतिक माना जा रहा है।
पिछले विधानसभा सत्र में सरकार प्रवर समिति को सदन पटल पर ला चुकी है। सरकार के इस कदम से विपक्ष इस कदर गुस्सा गया था कि उसने कार्यमंत्रणा समिति का अगले पांच साल तक बायकाट करने का ऐलान कर दिया था। अब जबकि गैरसैंण में विधान सभा सत्र तय हो चुका है, विपक्ष ने कार्यमंत्रणा समिति के बहिष्कार के फैसले पर अडिग रहकर सरकार की दुविधा बढ़ा दी है।
अब संकेत आ रहे हैं कि सरकार पिछले सत्र में सदन में लाई गई प्रवर समिति की रिपोर्ट को फिर से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लाएगी और चर्चा के बाद उसे सदन में लाया जाएगा। एक कदम पीछे खींचकर सरकार लोकायुक्त की गेंद को विपक्ष के पाले डालने की तैयारी में है। यदि विपक्ष कार्यमंत्रणा के बहिष्कार के जरिये सदन की कार्यवाही से खुद को अलग करेगा तो सत्ता पक्ष उस पर यह ताना मार सकता है कि वह लोकायुक्त के पक्ष में नहीं है।
क्या बोले विपक्ष के नेता
सरकार ने संविधान और संसदीय परंपरा की अवहेलना की। कोई भी बिजनेस कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के बगैर नहीं लाया जा सकता। लेकिन सरकार ने ये कृत्य किया। हम कार्य मंत्रणा समिति के बहिष्कार के फैसले पर अडिग है। ये हमारी कोई जिद नहीं है। हम विधान सभा की कार्यवाही में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन बैठक में हम तब तक नहीं जाएंगे जब तक सरकार अपनी गलती नहीं स्वीकारेगी।
- डॉ. इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष।
लोकायुक्त को लेकर विपक्ष की नहीं बल्कि सरकार की सीधी जवाबदेही है। विपक्ष तो पहले दिन से ही लोकायुक्त के पक्ष में था। सदन में विधेयक आया तो हमने इसे प्रवर समिति को नहीं भेजा। विपक्ष का ये काम सरकार ने इसलिए किया क्योंकि उसकी लोकायुक्त बनाने की कोई दिलचस्पी नहीं है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तब तक शामिल नहीं होंगे जब तक सरकार माफी नहीं मांगेगी।
- प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस।
भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस सरकार संकल्प है। इसी संकल्प के तहत सरकार ने लोकायुक्त विधेयक सदन में पेश किया। विपक्ष की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने इस पर चर्चा करने की जरूरत तक नहीं समझी। लेकिन सरकार ने गंभीरता दिखाई और इसे प्रवर समिति भेजा। अब प्रवर समिति की रिपोर्ट कार्य मंत्रणा समिति में लाई जाएगी। समिति की बैठक में एजेंडा तय होगा।
- मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता