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भाजपा नेता #मीटू प्रकरण: पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

Fri, 18 Jan 2019 03:59 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 18 Jan 2019 03:59 PM IST
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bjp leader metoo case sanjay kumar get relief from uttarakhand high court
संजय कुमार - फोटो : facebook

एक युवती की ओर से लगाए गए मीटू के आरोप में फंसे बीजेपी के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस एनएस धानिक की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार को चार चप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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बता दें कि पीड़िता की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज कराने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए के लिए संजय कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में कार्यरत युवती ने पूर्व संगठन महामंत्री मंत्री संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।

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गिरफ्तारी से बचने के लिए संजय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की

संजय के युवती के साथ कथित बातचीत के ऑडियो भी वायरल हुए थे। मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए संजय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनएस धानिक की विशेष पीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

मीटू प्रकरण में भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ लज्जा भंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने एसपी देहात सरिता डोभाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस को अभियोग पंजीकृत करने के आदेश दिए थे। पीड़िता ने एसपी देहात से मिलकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तहरीर दी थी।

10 नवंबर को ई मेल के जरिए भेजी थी तहरीर

पीड़िता ने पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए बीती 10 नवंबर को एसएसपी निवेदिता कुकरेती को ई-मेल के जरिये तहरीर भेज दी थी।

एसएसपी ने 11 नवंबर को एसपी देहात सरिता डोभाल को इस मामले की जांच सौंप दी थी। असुरक्षा का हवाला देकर पीड़िता लंबे समय तक सुरक्षा की गुहार लगाती रही। काफी जद्दोजहद के बाद उसने एसपी देहात के सामने आकर बयान दर्ज कराए, तब जाकर सुरक्षा मुहैय्या हो सकी।

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