{"_id":"5a5f4bd04f1c1b90268b4dd8","slug":"bjp-councilors-will-have-to-give-one-lakh-rupees-in-support-fund","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा की सहयोग निधि में देने होंगे एक-एक लाख, संकट में आए पार्षद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा की सहयोग निधि में देने होंगे एक-एक लाख, संकट में आए पार्षद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हरिद्वार
Updated Wed, 17 Jan 2018 08:02 PM IST
विज्ञापन
money
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा पार्षदों को भाजपा की सहयोग निधि में एक-एक लाख रुपये देने होंगे। पार्षदों को एक-एक लाख रुपये देने में तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यह सहयोग राशि चेक से देनी है। इसलिए पार्षदों के सामने संकट खड़ा हो गया है। पार्षदों को दस-दस हजार रुपये की रसीद दी गई है।
विज्ञापन
नगर निगम चुनाव का वक्त होने के कारण पार्षद न हां कर पा रहे हैं और न ना। कुछ पार्षदों ने 10 हजार 20 हजार रुपये तक देने का ऑफर तो दिया, लेकिन भाजपा पदाधिकार माने नहीं। भाजपा में कई पार्षद तो ऐसे हैं जिनके लिए एक लाख रुपये का चंदा देना कोई बड़ी बात नहीं है, कुछ ऐसे भी हैं जिनके लिए एक लाख रुपये अपने बचत खाते से देना भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
भाजपा के वर्तमान पार्षदों को सहयोग निधि में एक-एक लाख रुपये का योगदान करने में टिकट के नए दावेदारों से मिल रही चुनौती का भी सामना करना पड़ है। वर्तमान पार्षदों पर फिर से टिकट की दावेदारी बचाने का दबाव है।
विज्ञापन
सहयोग राशि नहीं देने वाले स्वत: ही टिकट मांगने की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। इसलिए दौड़ में बने रहने के लिए उन्हें एक-एक लाख रुपये के चेक का कड़वा घूंट पीना पड़ रहा है। हालांकि इसके बाद भी इसकी गारंटी नहीं है कि भाजपा फिर से उन्हें टिकट दे ही देगी।