सावधान! आज और कल पड़ेगी हाड़ कंपाने वाली ठंड, हल्की बारिश और शीत लहर करेगी परेशान
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उत्तराखंड के ज्यादातर इलाकों में अगले कुछ दिन हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ेगी। इसकी शुरुआत गुरुवार से हो जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहेंगे। पहाड़ी इलाकों में जहां हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में शीत लहर चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में ठंड में बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है। पहाड़ी जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश भी हो सकती है।
वहीं, अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का भी अनुमान जताया गया है। वहीं, रात के समय पाला भी बढ़ जाएगा। इसका असर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। वहीं, अन्य मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रह सकता है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 48 घंटों के दौरान बारिश, बर्फबारी और शीतलहर के कारण ठंड में इजाफा होगा। हालांकि उसके बादल मौसम सामान्य रह सकता है।
नए साल के दौरान मौसम साफ रहने का अनुमान
ठंड बढ़ने का समय
आमतौर पर दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में ठंड बढ़ जाती है। इस दौरान बारिश, बर्फबारी और शीत लहर से ठंड अपने चरम पर होती है। हालांकि नए साल के दौरान होने वाली बर्फबारी और दिन में पड़ने वाली गुनगुनी धूप का पर्यटक खूब लुत्फ लेते हैं।
दस साल में सबसे ठंडा रहा 26 दिसंबर, न्यूनतम तापमान पांच डिग्री लुढ़का
हल्द्वानी में बुधवार की सुबह से ही धूप हल्की थी। दिन चढ़ने के साथ ही शीतलहर ने गलन बढ़ा दी। दोपहर लगभग दो बजे के बाद ठंड ज्यादा बढ़ गई। लोग मफलर, टोपी और दस्तानों पहने नजर आए। ठंड से बचने के लिए लोगों ने जगह-जगह अलाव भी जलाए। हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो और न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 11.0 और न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो-दो डिग्री सेल्सियस कम रहे।
पिछले वर्षों का तापमान
2017 21.4/6.0 2.8
2016 24.0/8.0 11.2
2015 19.5/3.0 00
2014 17.0/7.0 40.1
2013 13.7/65 3.2
2012 13.0/94 00
2011 22.8/4.9 00
2010 22.0/49 14.8
2009 195/53 00
नोट :: यह तापमान पिछले वर्षों में 26 दिसंबर का है, जबकि बारिश दिसंबर की है।
जनवरी तक सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ेगी जबकि फरवरी से तापमान बढ़ेगा। घने कोहरे, सूर्य की कम रोशनी और अधिक आर्द्रता के कारण गन्ने, सरसों, आलू की फसल को नुकसान होगा। दलहन की फसल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। गेहूं की बुआई पर भी असर पड़ेगा। पाले के कारण टमाटर, बैगन और मिर्च की फसल पर भी असर पड़ेगा।
-डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय