अब जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन बनेंगे, करना होगा ये
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परिवार रजिस्टर में नये सदस्य का नाम दर्ज कराने और जन्म व मृत्यु प्रमाण बनाने के लिए पंचायत के चक्कर लगाने से जल्द छुटकारा मिलेगा। प्रदेश की सभी पंचायतों में ऑनलाइन सेवा शुरू की जा रही है।
इससे घर बैठे ही आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रमाण पत्र व परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार जल्द ही सभी 7958 पंचायतों को ऑनलाइन करने जा रही है। इससे परिवार रजिस्टर में नया नाम जोड़ने और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
अगर परिवार के किसी सदस्य का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करना है तो इसके लिए फार्म भरने या ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा प्रमाण पत्र के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी तक प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने के लिए मैनुअल ही काम होता है। जिस कारण आवेदक को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन ऑनलाइन सेवा से निर्धारित समय के भीतर जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त होंगे।
पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे कंप्यूटर
प्रदेश में अभी तक पौड़ी जिला में ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 1212 पंचायतों को ऑनलाइन किया गया था। लेकिन अब सभी पंचायतों में यह सुविधा शुरू होगी। ऑनलाइन कामकाज के लिए पंचायतों को कंप्यूटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिन पंचायतों में नेटवर्क की दिक्कतें हैं, वहां पर कलस्टर बनाए जाएंगे या फिर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन सेवा दी जाएगी।
पंचायतों में ऑनलाइन सेवा शुरू करने के लिए प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने भी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत 21 जून से 30 जुलाई तक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, तहसीलदार, जिलाधिकारियों को सॉफ्टवेयर के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह होगा फायदा
ऑनलाइन सेवा शुरू होने के बाद आवेदन एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी तक तुरंत प्राप्त होगा। ऑनलाइन आवेदन को अधिकारी अपने पास ज्यादा समय तक नहीं रोक सकता है। जन्म या मृत्यु होने के 21 दिन के भीतर आवेदन करने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करता है। 21 दिन से ज्यादा समय होने पर प्रमाण पत्र तहसीलदार के माध्यम से जारी होता है।