फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Before every scheme location will be checked through satellite GIS mapping Uttarakhand News in hindi

Uttarakhand: हर योजना से पहले लोकेशन की होगी सेटेलाइट कुंडली, जीआईएस मैपिंग से तैयार तस्वीरों से मिलेगी मदद

Wed, 12 Feb 2025 09:22 AM IST
रेनू सकलानी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 12 Feb 2025 09:22 AM IST
सार

शहरों में सीवर लाइन बिछाने के चक्कर पेयजल लाइन बर्बाद नहीं होंगी। यह संभव होगा पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से। सभी विभागों को योजना के डिजिटल प्लेटफार्म पर पुरानी, नई और भविष्य में तैयार होने वाली योजनाओं की जीआईएस मैपिंग कराने के साथ उनके आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
Before every scheme location will be checked through satellite GIS mapping Uttarakhand News in hindi
बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सड़क, बिजली, पेयजल, सीवरेज, दूरसंचार, स्कूल, अस्पताल समेत राज्य सरकार की हर योजना पर काम करने से पहले अब लोकेशन की सेटेलाइट कुंडली खंगाली जाएगी। विभागों के योजनाकारों के हाथों में उस स्थान की जीआईएस मैपिंग से तैयार तस्वीरें होंगी, जिनकी मदद से वह आसानी यह पता लगा सकेंगे कि जहां वे सीवर लाइन बिछाने जा रहे हैं, वहां पहले से कोई पेयजल लाइन तो नहीं हैं।

विज्ञापन


डिजिटल मैप से उन्हें योजना वाली जगह पर पहले से तैयार एक-एक योजना की जानकारी होगी। यानी शहरों में सीवर लाइन बिछाने के चक्कर पेयजल लाइन बर्बाद नहीं होंगी।यह संभव होगा पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से। अभी तक इस योजना पर राज्य का उद्योग विभाग काम कर रहा था। लेकिन ये केवल औद्योगिक क्षेत्रों तक केंद्रित रहा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...National Games: उत्तराखंड ने विभिन्न स्पर्धाओं में लगाई गोल्ड की हैट्रिक, पदकों की संख्या बढ़कर 85 पहुंची
विज्ञापन
विज्ञापन


इसका दायरा सभी विभागों तक बढ़ाने के लिए इसकी कमान नियोजन विभाग के हाथों में सौंप दी गई है। सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने इसकी पुष्टि की है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पिछले दिनों एक बैठक में सभी विभागों को योजना के डिजिटल प्लेटफार्म पर पुरानी, नई और भविष्य में तैयार होने वाली योजनाओं की जीआईएस मैपिंग कराने के साथ उनके आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों के स्तर पर 340 तरह के जीआईएस मैप पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं। ये काम जारी है। सभी विभागों के लिए इसे अनिवार्य किया गया है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed