उत्तराखंड: स्टार्ट-अप के जरिये बन सकेंगे बड़े उद्यमी, मिलेगी एसजीएसटी में तीन साल तक छूट
स्टार्ट-अप के जरिये नए उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार सभी प्रकार की वित्तीय और अन्य सुविधाएं देगी। इससे स्टार्ट-अप भी बड़े उद्यमी बन सकेंगे। सोमवार को इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन पीएचडी चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से स्टार्ट अप सत्र में नए उद्यमियों को यह जानकारी दी गई।
उद्यमिता विकास एवं स्टार्ट अप सत्र की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य ने स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक नीति बनाई है। इसमें युवाओं को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
स्टार्ट-अप के माध्यम से नए उद्यमियों को पूंजीगत लाभ, बिजली में रियायत के साथ ही अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। घर बैठे ही आवेदक ऑनलाइन पोर्टल की सहायता से पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रतिमाह 15 हजार की प्रोत्साहन राशि
सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक जिले में औद्योगिक आस्थान स्थापित किए जाएं। नई प्रतिभाओं के नवाचार विचार और सोच का पूर्ण रूप से सहयोग किया जाएगा। महानिदेशक (उद्योग) सौजन्या ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकास और स्वरोजगार बढ़ाने के लिए कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं। स्टार्ट-अप शुरू करने वाले सामान्य युवाओं को एक साल तक प्रतिमाह 10 हजार रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं, एससी, एसटी को प्रतिमाह 15 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
स्टार्ट-अप के तहत स्थापित उद्योगों को भी एसजीएसटी में तीन साल तक छूट मिलेगी। वहीं उत्पाद की मार्केटिंग को भी योजना में शामिल किया गया। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड उद्योग की ओर से स्टार्ट-अप योजना को लेकर सुझाव दिए। इस मौके पर चैंबर के अध्यक्ष वीरेंद्र कालरा, टी-हब के फाउंडर श्रीनिवास कोलीपारा, वेंचर कैपिटलिस्ट के अध्यक्ष अपूर्व रंजन, पेटीएम के उपाध्यक्ष सौरभ जैन, इन्वेस्टमेंट बैंक के आशीष अग्रवाल, अंशुमन खन्ना आदि मौजूद थे।