चंद्रग्रहण के चलते बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, जानिए अब कब खुलेंगे 'प्रभु के द्वार'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंद्र ग्रहण के चलते सोमवार को बदरीनाथ धाम की कपाट 1 बजकर 50 मिनट पर बंद कर दिये गये हैं। जानिए, अब बदरीनाथ प्रभु के द्वार कब खोले जाएंगे। ताकि श्रद्घालुगण नित्य पूजा-अर्चना कर सके।
हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल से नौ घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस दौरान मंदिरों में पूजाएं नहीं की जाती हैं। मान्यता के अनुसार सोमवार को बदरीनाथ धाम में साढे बारह बजे भगवान बदरी विशाल को बालभोग लगाया गया तथा 1 बजे शयन आरती के बाद 1 बजकर 50 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये।
अब इस वक्त खुलेंगे द्वार
धाम में बदरीनाथ मंदिर के साथ ही आदि केदारेश्वर, लक्ष्मी नारायण सहित अन्य सभी मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये हैं। वहीं चंद्र ग्रहण के चलते रुद्रनाथ, गोपीनाथ, बामनाथ, कार्तिक स्वामी, अनुसूया देवी सहित सभी मंदिरों के कपाट सूतक काल के लिये बंद कर दिये गये हैं।
बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि सोमवार रात्रि 10 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक चंद्र ग्रहण है। ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक काल माना जाता है। इस दौरान मंदिरों में पूजाएं नहीं की जाती हैं। जिसे देखते हुए बदरीनाथ धाम के कपाट सोमवार को बंद कर दिये गये हैं। ग्रहण काल के बाद मंगलवार को सुबह 5 बजे भगवान बदरीनाथ की अभिषेक पूजाएं शुरु कर तीर्थयात्रियों के दर्शन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।