49 घंटे बाद खुला बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब मार्ग, तीर्थयात्रा हुई सुचारू
बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में मंगलवार को 49 घंटे बाद सुचारु हुआ। हाईवे खुलते ही बदरीनाथ, हनुमान चट्टी और लामबगड़ में दो दिनों से फंसे करीब 367 तीर्थयात्री अपने गंतब्य को रवाना हो गए हैं। जबकि पांडुकेश्वर से करीब 133 तीर्थयात्री अपने वाहनों से बदरीनाथ धाम पहुंचे।
वहीं, टैय्या पुल के समीप भी बीते सोमवार को दोपहर में हाईवे अवरुद्ध हो गया था। जिसे बीआरओ की ओर से देर रात तक सुचारु कर दिया गया था। हाईवे के खुलने से रात को ही हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे करीब 123 तीर्थयात्री जोशीमठ पहुंचे। मंगलवार को ये तीर्थयात्री भी अपने गंतब्य को लौट गए। लामबगड़ में बारिश होने पर दोबारा हाईवे के अवरुद्ध होने के आसार बने हुए हैं।
लामबगड़ में हाईवे बीते 30 जुलाई को दोपहर दो बजे अवरुद्ध हो गया था। क्षेत्र में लगातार बारिश होने से मेकाफेरी कंपनी की मशीनें हाईवे को नहीं खोल पा रही थी। बारिश में यहां रह-रहकर पत्थर और मलबा हाईवे पर छिटक रहे थे।
दो दिनों से फंसे करीब 367 तीर्थयात्री
मंगलवार को सुबह सात बजे बारिश थमने के बाद हल्की धूप खिली। जिसके बाद लामबगड़ में चार सौ मीटर हिस्से में फैला मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरु हुआ। दोपहर में करीब तीन बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल पाया।
हाईवे के खुलने से बदरीनाथ की ओर दो दिनों से फंसे करीब 367 तीर्थयात्री अपने गंतब्य को रवाना हुए। वहीं, सोमवार को दोपहर में अचानक चट्टान टूटने से टैय्या पुल में भी हाईवे अवरुद्ध हो गया था। यहां देर रात तक बीआरओ की जेसीबी मशीन और मजदूरों की मदद से हाईवे को सुचारु कर दिया गया था।
गोविंदघाट के थाना प्रभारी प्रदीप राठौर ने बताया कि लामबगड़ में हाईवे के अवरुद्ध होने से तीर्थयात्री पैदल ही तीन किमी चलकर फिर वाहन से बदरीनाथ पहुंच रहे हैं। बारिश होने पर लामबगड़ में पत्थर और मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ रही है।