नदी में बहा 'बेबी हाथी', दस घंटे रेस्क्यू के बाद मां से मिलाया, इसके बाद...
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अपनी मां के साथ नीद में पानी पीने गया 'बेबी हाथी' अचानक तेज बहाव के कारण बह गया। वन कर्मियों ने दस घंटे के रेस्क्यू के बाद बेबी हाथी को बचाकर उसकी मां से मिलाया। जानिए क्या हुआ इसके बाद...
लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के अंतर्गत खोह नदी में मां के साथ पानी पीने पहुंचा शिशु हाथी नदी के तेज बहाव में बह गया। वन कर्मियों ने दस घंटे तक रेस्क्यू कर बच्चे को सकुशल बाहर निकाला और उसकी मां से मिला दिया।
रविवार सुबह सात बजे आमसौड़ के पास गस्त के दौरान दुगड्डा रेंज के रेंजर किशोर नौटियाल को हाथी का बच्चा खोह नदी के किनारे पत्तथर पर अटका हुआ तेज बहाव से जूझते हुए दिखा। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए वन कर्मियों को मौके पर बुलाया और रैस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी।
जानिए आगे की कहानी
रेंज अधिकारी नौटियाल ने बताया कि करीब दो महीने का हाथी शिशु खोह नदी के उस पार अपनी मां के साथ पानी पीने के लिए आया था। तभी वह तेज बहाव में बह गया और कुछ दूरी पर नदी के इस पार एक पत्थर पर अटक गया।
वन कर्मियों ने रस्सों की मदद से किसी प्रकार शिशु हाथी को बाहर निकाला। इस दौरान बच्चे के पशु चिकित्सकों से स्वास्थ्य जांच कराया, शिशु हाथी स्वस्थ्य पाया गया। बताया कि इस दौरान नदी की दूसरी ओर सै बच्चे की मां बार बार वन कर्मियों पर हमला करने के लिए दौड़ रही थी। जिसके चलते बच्चे को स्वास्थ्य जांच के बाद अकेला छोड़ दिया गया।
कुछ देर बाद उसकी मां नदी पार कर पहुंची और हाथी शिशु दुलार कर उसे दूध पिलाया। इसके बाद वह उसे लेकर नदी पार करने लगी, लेकिन इस बार भी बच्चा बहने लगा। खतरे को भांपते हुए मां उसे नदी से वापस ले आई। शाम को पांच बजे जंगल से पांच हाथियों का झुंड आया और बच्चे को पांव के बीच में रखते हुए नदी पार कराकर अपने साथ जंगल में ले गया। बच्चे को अपनी मां और परिवार के साथ मिलाकर वन कर्मी खुशी से झूम उठे।