लापरवाही की हदः टार्च की रोशनी में हो रहे हैं प्रसव
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग को लगता है गर्भवती महिलाओं की जान से कोई लेना देना नहीं है।
तभी तो कालसी विकासखंड के जोहड़ी गांव स्थित एएनएम सेंटर में महज कुछ रुपयों के बिजली का बिल भुगतान नहीं करने पर टार्च की रोशनी में स्वास्थ्य कार्यकत्री और दाई प्रसव करवा रही हैं। यूपीसीएल ने दो माह से अधिक का बिजली का बिल बकाया होने पर दो माह पहले यहां की लाइट काट दी थी।
हालांकि इस बारे में एसडीओ संजय कुमार का कहना है कि उन्होंने मार्च के बाद से किसी तरह का कोई कनेक्शन नहीं काटा है। इसका मतलब बिजली मार्च से पहले काटी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि सीएमओ को इस बारे में पता ही नहीं है। अब वह कह रहे हैं कि जल्द ही संबंधित अधिकारी को निर्देश देकर सेंटर की लाइट जुड़वाई जाएगी।
केंद्र से कई दुर्गम गांव जुड़े हैं
केंद्र से कालसी बाजार, जोहड़ी, आमबाग, जामनस्रोत, धोयरा, बैडा, चापनू समेत कई गांवों की तीन हजार से अधिक की आबादी जुड़ी है। केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालसी के अधीन है। सेंटर के जरिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। केंद्र के माध्यम से आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां का भी वितरण होता है।
केंद्र में संक्रमण रोगों की जांच के साथ ही डाट्स पद्धति से टीवी का इलाज भी होता है। स्थानीय निवासी एडवोकेट क्षम शर्मा और प्रताप नेगी समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र से कई दुर्गम गांव जुड़े हैं। इन गांवों में कई बार रात में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर केंद्र पहुंचते हैं।
पर वहां पर बिजली नहीं होने की वजह से स्वास्थ्य कार्यकत्री को टार्च की रोशनी में ही उसकी जांच करनी पड़ती है। कई बार तो प्रसव तक कराना पड़ाता है।
निदेशालय से बजट नहीं मिला
बिजली के बिल का भुगतान नहीं होने के बाबत प्रभारी चिकित्साधिकारी कालसी डॉ. प्रदीप उनियाल ने बताया निदेशालय से बजट नहीं मिलने की वजह से बिल का भुगतान नहीं किया जा सका है।
मामला बेहद गंभीर है। संबंधित अधिकारी को निर्देशित कर शीघ्र सेंटर की लाइट जुड़वाई जाएगी।
- सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल
‘मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित अधिशासी अभियंता से जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।’
- पीसी ध्यानी, डाइरेक्टर (एचआर) एवं प्रवक्ता यूपीसीएल