फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   baby dead body missing from grave vaishya nursing home

कब्र से बच्ची का शव गायब होने का मामला, आखिर किस कहानी पर पर्दा डालने की हो रही कोशिश?

Wed, 18 Jul 2018 11:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 18 Jul 2018 11:37 AM IST
विज्ञापन
baby dead body missing from grave vaishya nursing home
baby

मौत के अगले दिन कब्र से बच्ची का शव गायब होने का रहस्य और गहराता जा रहा है। पता चला है कि राजधानी में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। अभी तक सामने आए पूर्व के दो मामलों का जो घटनाक्रम है, उनमें भी वैश्य नर्सिंग होम और कब्रिस्तान का जिक्र है। सभी घटनाओं में नवजातों के शव दफनाने के अगले या तीसरे दिन गायब हो गए। हैरान करने वाली बात है कि सभी घटनाएं पुलिस के संज्ञान में आ चुकी हैं, बावजूद इसके अब तक पुलिस ठोस साक्ष्य हासिल नहीं कर सकी है।  गाहे-बगाहे पुलिस पर भी आरोप लग रहे हैं कि वह गंभीर मामले पर जानबूझकर पर्दा डालने में लगी है।

विज्ञापन


पुलिस पर लग रहे आरोप अधिकारियों की सुस्ती से और भी मजबूत हो रहे हैं। दरअसल, शुरुआत में उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीर तो माना था, लेकिन अब इसकी जांच पर निगरानी में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि घटना सामने आने के अगले दिन एक उच्चाधिकारी ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। मगर, कुछ ही देर में उन्होंने ये आदेश वापस भी ले लिए। ऐसे में साफ है कि कहानी में कहीं न कहीं पुलिस की ओर से भी गंभीरता को नजरअंदाज किया जा रहा है। जबकि अब पूर्व की दो कहानियों के सामने आने के बाद मामला पहले से ज्यादा गंभीर लग रहा है। माना जा रहा है कि यदि पुलिस इस प्रकरण की तह तक जाती है तो कुछ बड़ा चौंकाने वाला तथ्य सामने आता। 
विज्ञापन


रुड़की के संजय के आज भी छलक जाते हैं आंसू 
रुड़की निवासी संजय पाठक के साथ भी गौरव आहूजा जैसा ही हादसा हुआ था। संजय पाठक ने फोन पर बताया कि 13 जून 2015 को गर्भावस्था के दौरान उनकी पत्नी की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। चिकित्सकों ने शरीर की कुछ अंदरूनी समस्या बताई और उनकी पत्नी को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी थी। इस बीच संजय अपने बड़े भाई व बहन के कहने पर देहरादून स्थित वैश्य नर्सिंग होम में पत्नी को ले आए। यहां उनकी पत्नी ने 16 जून को बेटे को जन्म दिया, जिसकी 19 जून को मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अस्पताल कर्मचारियों ने उनसे कहा कि ‘नर्सिंग होम का स्वीपर आपके साथ जाएगा और बच्चे को दफनाने में आपकी मदद करेगा’। इस पर संजय उनके साथ रायपुर के नालापानी क्षेत्र में उस कब्रिस्तान में गए और बच्चे को दफना दिया। संजय तो घर चले गए, लेकिन अपनी बहन को कब्र पर तीन दिनों के तक दूध चढ़ाने के लिए कह गए। दो दिनों तक उनकी बहन ने दूध चढ़ाया, लेकिन तीसरे दिन जैसे ही वे कब्र पर पहुंची तो देखा कि बच्चे का शव गायब है। इसकी शिकायत उन्होंने उस वक्त रायपुर थाने में की, मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

दिल्ली शिफ्ट हो गई महिला 
जानकारी मिली है कि जीएमएस रोड स्थित आशीर्वाद एंकलेव निवासी एक महिला के साथ इसी तरह की घटना हुई थी। बच्चे को जन्म दिया और अगले दिन बच्चा मरा तो अस्पताल के स्वीपर की मदद से उसे दफना दिया गया। बताया जा रहा है कि महिला अब अपने परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गई है। 


एडीजी से मिले परिजन 
विजय पार्क निवासी गौरव आहूजा अपने परिवार के साथ मंगलवार को एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अशोक कुमार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने पूर्व की दो कहानियों को एडीजी को बताया और मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। इस पर एडीजी ने उन्हें जल्द जांच पूरा कराने का आश्वासन दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed