राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार अधिग्रहण करे भूमि, समाज खुद बनाएगा मंदिर: बाबा रामदेव
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योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए हिंदू समाज को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राम वोट बैंक नहीं है।
न ही किसी राजनैतिक दल का प्रोपेगेंडा और चुनावी एजेंडा है। राम हमारा अस्मिता और संस्कार है। हिंदू और मुसलमानों सभी के पूर्वज हैं। उन्होंने मांग उठाई कि राम मंदिर के मुद्दे को टाइटल सूट बनाने के बजाए विकास की अन्य परियोजनाओं के तरह विवादित भूमि को सरकार को अधिग्रहण करके समाज को सौंप देनी चाहिए। समाज मंदिर अपने आम बना देगा।
योग गुरु स्वामी रामदेव शनिवार को पतंजलि फेज एक में पतंजलि ग्रुप के नए उत्पाद परिधान के शोरूम को शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। बता दें कि शनिवार को ही पतंजलि योगपीठ का स्थापना दिवस भी था।
भारतीय संस्कृति से प्रेरित होंगे परिधान
इस दौरान स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में राम मंदिर निर्माण और चरित्र निर्माण महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। राम मंदिर के मामले को न तो मजहबी मुद्दा समझना चाहिए और न तो राजनैतिक दृष्टि से देखना चाहिए। क्योंकि राम हमारी अस्मिता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को राम मंदिर के मुद्दे पर बड़ी पहल करनी चाहिए। उन्हें लगता है कि अगर संसद में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार अध्यादेश लाती है तो कोई भी राजनैतिक दल इसका विरोध करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा।
ज्यादा से ज्यादा इतना हो सकता है कि जब अध्यादेश लाया जाए तो कुछ पार्टियां संसद का बहिष्कार कर दें, लेकिन विरोध नहीं कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं। सब कुछ राजनीति को ही समझ लेना उचित नहीं है। राजनीति राष्ट्र का एक हिस्सा मात्र है। राजनीति राष्ट्र नहीं है। हम सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
वैदिक और सनातनी शिक्षा को स्थापित करने के लिए कर रहे काम
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रभक्ति, कार्यप्रणाली और नियत पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। वर्ष 2019 के चुनाव को लेकर पूछे जाने को लेकर उन्होंने कहा कि आज वह कोई राजनैतिक बयान नहीं देंगे।
उन्होंने पतंजलि योगपीठ के 24 साल के सफर को उपलब्धियों भरा बताते हुए कहा कि योग से शुरू हुआ ये सफर आयुर्वेद, उद्योग और शिक्षा से होते हुए परिधान तक पहुंच गया है। 24 सालों में करोड़ों लोगों के सहयोग और समर्थन से पतंजलि ने राष्ट्र को विभिन्न क्षेत्रों में सशक्त बनाने के लिए प्रभावी काम किया है और यहां से हम 50 साल आगे तक का विजन तय कर काम करने में जुट गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि 2050 तक भारत को योग, स्वास्थ्य, कृषि तथा शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया की बड़ी महाशक्ति बनाएंगे। कहा कि देश में इस समय मैकाले की शिक्षा पद्धति को निजात दिलाने के लिए वैदिक और सनातनी शिक्षा को स्थापित करने के लिए पतंजलि बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बात हुई है। जल्दी है देश में शिक्षा का अपना बोर्ड स्थापित होगा।
लोगों के अपार सहयोग के लिए आभार जताया
दूसरे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुसलमान भारत में पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारत जैसा माहौल दुनिया में कहीं नहीं है। कुछ लोग बेवजह की बयानबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण शास्त्री ने भी 24 साल के सफर में पतंजलि को मिले लोगों के अपार सहयोग के लिए उनका आभार जताया। इससे पूर्व स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने परिधान के शोरूम को शुभारंभ किया।
इस दौरान रामभरत, रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा, मेयर अनीता शर्मा, अशोक शर्मा, निवर्तमान मेयर मनोज गर्ग, अशोक त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि संजय अरोड़ा, पराग गुप्ता, पार्षद लोकेश पाल, किशन बजाज, संजय शर्मा, सतीश सेमवाल, नरेश शर्मा, किशन बजाज, भविष्य पंडित रंजना चतुर्वेदी समेत बड़ी संख्या में हरिद्वार सहित अन्य जनपदों से आए गणमान्य लोगों मौजूद रहे।