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दूर हुआ असमंजस, हरिद्वार में यह पुरोहित कराएंगे अटलजी की अस्थियों का प्रवाह

Sun, 19 Aug 2018 09:25 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sun, 19 Aug 2018 09:25 AM IST
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atal bihari vajpayee death bone immersion will done by pandit akhilesh shastri
पुरोहित पंडित अखिलेश शास्त्री - फोटो : amar ujala

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का प्रवाह एवं अन्य कर्मकांड उनके तीर्थ पुरोहित पंडित अखिलेश शास्त्री द्वारा ही कराया जाएगा। पुरोहित होने का दावा कर रहे दो अन्य शैलेष मोहन एवं उपेंद्र भक्त के पास अटलजी के परिवार के नाम वाला रिकार्ड नहीं मिला है, जबकि अखिलेश के पास कई बार उनके परिजन अस्थियां लेकर आ चुके हैं। 

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गौरतलब है कि पूर्व पीएम वाजपेयी ने कभी भी अपने पुरोहित की बही में अपना नाम दर्ज नहीं कराया। इसके विपरित उनके परिवार के अनेक सदस्य गंगा स्नान एवं कर्मकांड के लिए अपने पुरोहित के पास आते रहे हैं। अखिलेश शास्त्री लश्कर (ग्वालियर) के पुरोहित हैं। उनकी बही के अनुसार कई बार अटलजी के भतीजे और भाई कर्मकांड कराने आए और नाम दर्ज कराया। 
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यहां बता दें कि शास्त्री के अलावा दो अन्य पुरोहित शैलेष मोहन और उपेंद्र भक्त ने दावा किया था कि वे ही असली पुरोहित हैं। इस पर हरकी पैड़ी प्रबंधकारिणी एवं पुरोहितों की प्रतिनिधि संस्था गंगा सभा के स्वागत मंत्री श्रीकांत वशिष्ठ ने आज दोपहर तीनों पुरोहितों को सभा कार्यालय में बहियों के साथ बुलाया।

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अखिलेश शास्त्री की बही में हस्ताक्षर वाला रिकार्ड मौजूद 

atal bihari vajpayee death bone immersion will done by pandit akhilesh shastri

शैलेष मोहन का दावा था कि वे अखिल भारतीय वाजपेयी परिवारों के पुरोहित हैं। ऐसे में अस्थि प्रवाह का अधिकार उनका है। उन्होंने माना था कि उनके पास आगरा के समीप स्थित बटेश्वर के वाजपेइयों का रिकार्ड है। लेकिन वे अटलजी के परिवार का रिकार्ड दिखा नहीं पाए। वह गंगासभा के बुलावे पर अपनी पोथी लेकर भी नहीं गए।

दूसरे पुरोहित उपेंद्र भक्त अपनी बही लेकर गंगा सभा गए। वास्तव में वे बटेश्वर के पुरोहित है। बताया जाता है कि ग्वालियर जाने से पहले अटलजी का परिवार बटेश्वर में रहता था, लेकिन उपेंद्र की बही में भी उनके परिवार का रिकार्ड नहीं मिला।

अखिलेश शास्त्री ने यह कहते हुए गंगा सभा में जाने से इंकार कर दिया कि उन्हें अपना रिकार्ड दिखाने की आवश्यकता नहीं है। अटलजी का परिवार भली-भांति जानता है कि वे ही असली तीर्थ पुरोहित हैं। उनकी बही में हस्ताक्षर वाला रिकार्ड मौजूद है। शास्त्री ने बताया कि आज दोपहर उनके पास अटलजी के भानजे अनूप मिश्रा का फोन आ गया था। उन्होंने पूरे प्रबंध करने के लिए कहा है। अटलजी की अस्थियां वे ही प्रवाहित कराएंगे। 

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