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सभा सचिवों ने छोड़ा पद, सुविधाएं वापस
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 30 Jan 2017 09:43 PM IST
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इस्तीफा
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चुनावी रण में उतरे प्रदेश के नौ सभा सचिवों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनको उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं वापस लेने संबंधी निर्देश जारी कर दिए हैं। इस्तीफा देने वाले सभी सभा सचिव कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। सभा सचिवों ने पद छोड़ने का कारण पारिवारिक और निजी बताया है।
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बता दें कि प्रदेश में 12 विधायकों को सभा सचिव की जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें मंत्री के समान सुविधा प्रदान की गई थी। उमेश शर्मा काऊ और शैलारानी रावत द्वारा कांग्रेस छोड़ने की स्थिति में सभा सचिवों की संख्या 10 रह गई थी। प्रदेश में जब रावत सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया गया तो सभा सचिवों का पद स्वत: ही समाप्त हो गया।
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बाद में सरकार बहाल हुई तो 11 जून 2016 को उन विधायकों को फिर से सभा सचिव बना दिया गया, जिनके पास पहले भी यह जिम्मेदारी थी। इन 10 सभा सचिवों में से फुरकान अहमद ने 21 दिसंबर 2016 को अपना पद छोड़ दिया था। ऐसे में सभा सचिवों की संख्या नौ रह गई थी।
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इन नौ सभा सचिवों ने भी अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री के पास भेजा था। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव एस रामास्वामी ने इस्तीफा मंजूर कर दिया है। सभा सचिव का पद छोड़ने वालों में विजयपाल सिंह सजवाण, गणेश गोदियाल, हेमेश खर्कवाल, मनोज तिवारी, डा. जीत राम, मदन सिंह बिष्ट, राजकुमार, विक्रम सिंह नेगी और सरिता आर्य शामिल हैं।
गाड़ी वापस, मकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू
देहरादून। सभा सचिवों द्वारा पद छोड़ने के बाद राज्य संपत्ति विभाग ने उनको उपलब्ध कराई जा रही वाहन सुविधा वापस ले ली है। इसके साथ ही उनके सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन सभा सचिवों को मंत्री के समान सुुविधाएं मिलती थीं। सभी सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं।