'गलती' से हुई जवान की मौत, मामला उलझा
राजधानी देहरादून के मालदेवता फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान गढ़वाल रायफल्स के जवान रजत गुलेरिया की मौत दूसरे जवान की बंदूक से चली गोली से हुई थी। बुधवार को सेना की ओर से पुलिस को दी गई लिखित सूचना में इसे दुर्घटना बताया गया है।
सेना के अनुसार मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी चल रही है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद रजत का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव भेज दिया गया।
मंगलवार को जांघ में गोली लगने से 10 गढ़वाल रायफल्स के जवान रजत गुलेरिया निवासी बिटठलपुर जनपद कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश की मौत हो गई थी।
दिन में हुई इस घटना की जानकारी शाम को रायपुर पुलिस को दी गई थी। रात में रजत के पिता पूर्ण सिंह और अन्य परिजन दून पहुंच गए थे।
बुधवार सुबह नायब सूबेदार जयवर सिंह ने पुलिस को दी लिखित सूचना में बताया कि अभ्यास के दौरान दूसरे जवान से चली गोली से रजत की मौत हुई है। उन्होंने इस दुर्घटना बताया।
पीछे से गोली लगी हैः पिता
जवान बेटे की मौत से पिता पूर्ण सिंह सदमे में हैं। उनका कहना था कि घटना सुबह करीब साढे़ दस बजे हुई, लेकिन उन्हें सूचना कई घंटे बाद दी गई।
बताया कि बेटे को पीछे से गोली लगी है, क्योंकि जांघ के अगले हिस्से से भी मांस निकला हुआ है। रजत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई हिमाचल रोडवेज में बस चालक है, जबकि दूसरा सेना में है। रजत 2012 में सेना में भर्ती हुआ था।
पहली सूचना से संतुष्ट नहीं थी पुलिस
रजत की मौत के मामले में सेना की ओर से दी गई पहली लिखित सूचना से पुलिस संतुष्ट नहीं थी। इसी कारण इसे वापस कर दिया गया था।
सूचना में कहा गया था कि 10 गढ़वाल रायफल्स के जवान रजत की अभ्यास के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। एसओ रायपुर अबुल कलाम ने सेना से घटना की पूरी जानकारी मांगी थी।