फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Approval given to repeal first law protecting witnesses Uttarakhand Witness Protection Scheme

Uttarakhand: गवाहों की सुरक्षा वाले पहले कानून को रद्द करने के लिए मिली मंजूरी, कैबिनेट में रखा गया प्रस्ताव

Mon, 18 Aug 2025 08:39 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 18 Aug 2025 08:39 AM IST
सार

उत्तराखंड में साक्षी संरक्षण योजना लागू किए जाने की तैयारी की जाएगी। कैबिनेट में इसे मंजूरी दे दी गई है। गवाहों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 लागू है। यह अधिनियम दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत प्रभावी है।
 

विज्ञापन
Approval given to repeal first law protecting witnesses Uttarakhand Witness Protection Scheme
बैठक - फोटो : सूचना

विस्तार

आपराधिक मुकदमों में गवाहों की सुरक्षा के लिए साक्षी संरक्षण योजना लागू करने के लिए पहले से चले आ रहे साक्षी सरंक्षण अधिनियम को रद्द करने के लिए रविवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके लिए सरकार मानसून सत्र में उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम (निरसन) विधेयक पेश करेगी।

विज्ञापन


विधानसभा में पास होने से बाद नए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुसार साक्षी संरक्षण योजना लागू किए जाने की तैयारी की जाएगी। गवाहों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 लागू है। यह अधिनियम दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत प्रभावी है।
विज्ञापन


धारा में गवाहों की सुरक्षा को परिभाषित किया गया
पिछले साल एक जुलाई से पूरे देश में सीआरपीसी के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 (बीएनएसएस) लागू हो चुकी है। बीएनएसएस की धारा 398 में गवाहों की सुरक्षा के लिए साक्षी संरक्षण योजना लागू करने का प्रावधान है। इस धारा में गवाहों की सुरक्षा को परिभाषित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Dehradun: भराड़ीसैंण विधानसभा में पहली बार होगा पेपरलेस सत्र, सदन में दिखेगा बदलाव; सचिवालय ने कीं तैयारियां

ऐसे में साक्षी संरक्षण योजना लागू करने के लिए पहले से चले आ रहे अधिनियम को रद्द करना आवश्यक था लिहाजा गृह विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया। कैबिनेट में विचार विमर्श के बाद उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम को रद्द करने की मंजूरी दे दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed