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अमित शाह बोले, BJP में चापलूस और चालाक नेताओं की नो एंट्री, जानिए बैठक की खास बातें

Wed, 20 Sep 2017 06:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 20 Sep 2017 06:20 PM IST
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amit shah meeting with bjp ministers and workers in dehradun

उत्तराखंड दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दो टूक अंदाज में कहा कि चापलूस और चालाक नेताओं से पार्टी सतर्क है। उन्होंने दूसरे दलों के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को जोड़े जाने के भी संकेत दिए।

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उन्होंने कहा कि उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं, लेकिन उन्हें हम एडजस्ट नहीं डाइजेस्ट कर सकते हैं। मंगलवार को होटल मधुबन में शाह ने ताबड़तोड़ बैठकें निपटाई।  बैठकों में उन्होंने पार्टी के विस्तारक, पालक, मोर्चा व प्रकोष्ठों व जिला संगठन के अध्यक्षों व प्रभारियों से लेकर प्रदेश पदाधिकारियों व वरिष्ठ नेताओं को दो टूक नसीहत दी कि अब राजनीति में सिर्फ भावना से काम नहीं चलेगा।
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लोगों को पार्टी की विचारधारा से लंबे समय तक जोड़े रखने के लिए वैज्ञानिक एवं विश्लेषणात्मक सोच जरूरी है। उन्होंने लक्षित राजनीति की वकालत की। पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आज ही से 90 दिन के भीतर सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों का गठन कर दें। 120 दिन में सभी जिला प्रभारी अपने-अपने मंडलों में बैठकें निपटा लें। 
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उन्होंने जिला प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे दिन में कम से कम एक बार जिलाध्यक्ष से फोन पर संगठन से जुड़े मसलों पर बात जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा यदि कैडर बेस पार्टी है तो बूथ स्तर तक कार्यकर्ता को राष्ट्रीय व प्रांतीय संगठन से लेकर जिला, ब्लाक व बूथ इकाइयों तक पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी होनी चाहिए।

शुभचिंतकों को कार्यकर्ता बनाओ

amit shah meeting with bjp ministers and workers in dehradun
amit shah in dehradun

शाह ने कहा कि प्रदेश में 15 लाख में से 10 लाख सदस्यों का सत्यापन हो पाया है। शेष पांच लाख सदस्यों का सत्यापन होना है। लाखों लोग मिस कॉल देकर सदस्य बने हैं। इन्हें उन्होंने पार्टी का शुभचिंतक करार दिया। शाह बोले, हमें इन शुभचिंतकों को कार्यकर्ता बनाना है।  

बूथ पर बाइक व स्मार्टफोन वाला कार्यकर्ता हो
शाह ने संगठन नेताओं को सदस्यता अभियान को प्रभावी बनाने की टिप्स दी। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर तीन से पांच लोग ऐसे जोड़ें, जिनके पास मोटरसाइकिल हो। तीन से चार कार्यकर्ता ऐसे हों, जो स्मार्टफोन रखते हैं। 

दलित वोट बैंक पर फोकस
बैठकों के दौरान शाह ने साफ कर दिया कि पार्टी का दलित वोट बैंक पर खास फोकस है। उन्होंने सुझाव दिया कि मंडल की सूची में कम से कम पांच अनुसूचित जाति के एक्टिविस्ट होने चाहिए, जो जन सरोकारों के मुद्दों पर काम कर रहे हैं।

विस्तारकों से हर बूथ में 10 सदस्य चाहिए
उन्होंने विस्तारकों व पालकों से कहा कि उनसे हर बूथ पर 10 सदस्य चाहिए। उन्होंने विस्तारक को सांगठनिक ढांचे की अहम कड़ी बताते हुए कहा कि वे 10 सदस्यों में से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग  के पांच सदस्य अवश्य जोड़ें।

मैं सुनाने नहीं सुनने आया हूं

amit shah meeting with bjp ministers and workers in dehradun

बैठक में विस्तारकों को एक साप्ताहिक कलेंडर दिया गया। इस कलेंडर के मुताबिक, रविवार को उन्हें मन की बात सुनने, सुनवाने व कार्य योजना बनानी होगी। सोमवार को नई सदस्यता, मंगलवार को स्वच्छता व वोटर संपर्क, बुधवार को दलित समाज संपर्क, गुरुवार को बूथों की ग्रेडिंग, शुक्रवार को भीम एप व मोदी एप पर पार्टी व सरकार की गाइड लाइन की जानकारी व शनिवार को केंद्र व राज्य सरकार की लाभार्थियों की सूची व सोशल मीडिया ग्रुप का निर्माण करना होगा। उन्हें स्मार्ट फोन पर ऐप डाउन लोड करने को भी कहा गया।

तुम्हें मेरा भय भी न रहा 
शाह ने सबसे आखिर में मोर्चा व प्रकोष्ठ पदाधिकारियों की बैठक निपटाई। बैठक के दौरान उन्होंने युवा मोर्चा की कार्यसमिति की एक भी बैठक  न होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संगठन महामंत्री संजय कुमार की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘तुम्हें मेरा भय भी न रहा।’शाह ने मोर्चा की बैठक हर हाल में करने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के निर्देश दिए।

मैं सुनाने नहीं सुनने आया हूं
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठकों में पदाधिकारियों को खुलकर बोलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वे किसी का नाम लिए बगैर बेधड़क बात कहें। कुछ नेताओं ने जब उनके संबोधन में गुणगान करने की कोशिश की तो उन्होंने दो टूक कहा कि सीधे मुद्दे पर आएं और अपनी बात कहें। जहां मुद्दे दोहराए गए, वहां उन्होंने टोक दिया। 

एक-एक बात नोट होती रही
शाह की बैठक में एक खासियत यह भी रही कि उनकी टीम के दो सदस्य हर बात को नोट करते रहे। बैठक के दौरान ही शाह ने कहा कि संगठन और सरकार के लिए जो बातें, सुझाव महत्वपूर्ण होंगे, उन पर अमल होगा। वह व्यक्तिगत रूप से इनका जवाब देंगे।

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