{"_id":"66af21654ac732d292092559","slug":"amar-ujala-samvad-former-chief-minister-of-uttarakhand-talked-about-his-person-2024-08-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Amar Ujala Samvad: निजी जिंदगी पर खुलकर बोले त्रिवेंद्र सिह रावत, भूस्खलन और विकास के मुद्दे पर की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amar Ujala Samvad: निजी जिंदगी पर खुलकर बोले त्रिवेंद्र सिह रावत, भूस्खलन और विकास के मुद्दे पर की चर्चा
Sun, 04 Aug 2024 12:06 PM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अनुज कुमार
Updated Sun, 04 Aug 2024 12:06 PM IST
सार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में चर्चा के बार-बार लैंडस्लाइड क्यों हो रही है और अपनी निजी जिंदगी को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकृति को चुनौती नहीं दे सकता।
विज्ञापन
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड के देहरादून में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत भी शामिल हुए। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने भूस्खलन और विकास के मुद्दे पर चर्चा की। रावत ने कहा कि प्रकृति को कोई चुनौती नहीं दे सकता। प्रकृति हमारी माता है। यहां हम पत्थर, पेड़ों को पूजते हैं। जिनसे ये सृष्टि बनती है। हम आज वर्तमान को देख रहे हैं।
विज्ञापन
विकास और भूस्खलन पर की चर्चा
चर्चा के दौरान कहा कि यहां पर लैंडस्लाइड का हजारों सालों का इतिहास है। हिमालय बढ़ रहा है। हम कहें कि ये कमजोर है। यहां के पहाड़ मजबूत नहीं हो पाए हैं। अरावली के पहाड़ मजबूत हैं। पहाड़ों की उम्र लाखों सालों की है। हिमालय को एक बच्चे की तरह ट्रीट करने की जरूरत है। आपदा से बचाव के लिए सरकार स्तर पर अच्छा काम हो रहा है। आपदा का मंत्रालय उत्तराखंड में सबसे पहले बना। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। हमें आपदा के संकेतों को समझना होगा।
विज्ञापन
अपनी निजी जिंदगी के खुले राज
त्रिवेंद्र सिह रावत ने अपनी निजी जीवन के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे यहां की जनता ने सांसद चुना है। मेरी कोशिश होगी कि सीएम के दौरान जो काम का अनुभव आया है। मैं अनुभव के आधार पर अपनी आवाज संसद में उठाऊंगा और केंद्र तक अपनी बात पहुंचाऊंगा। मैं कम कर्मकांडी हूं। सबसे बड़ा धर्म है ईमानदारी। समाज, परिवार के बारे में क्या सोच है और उसका आचरन कितना करते हैं। मैं कर्म में ज्यादा विश्वास करता हूं। जनता के बीच में ज्यादा रहना पसंद है। मीडिया में कम रहता हूं।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने कहा कि मैं एक समाजिक कार्यकर्ता हूं। मैं संघ से हूं। सिंहहान पर चढ़ना हमारा मकसद नहीं। आपको राष्ट्र के लिए क्या करना है। बाद में मैं भाजपा में शामिल हुआ। 2002 में विधायक बना। संघ में हमने समाज की सेवा करने जैसी कई चीजें सिखी। पेड़ लगाना मेरा शौक है। हमारी पिताजी एक सैनिक थे। पिताजी सख्त थे। हम आठ बहन भाई थे। पिता ने शिक्षा को बढ़ावा दिया। पिता ईमानदार थे। मैं सबसे छोटा हूं। बड़े भाईयों ने छोटे भाईयों के लिए हमेशा साथ दिया।