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चुनौतियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा मंथन, पूर्व वाइस आर्मी चीफ देंगे सुझाव
Sun, 03 Nov 2019 01:21 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 03 Nov 2019 01:21 PM IST
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पूर्व वाइस आर्मी चीफ ले.जनरल एएस लांबा
- फोटो : फाइल फोटो
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वर्तमान में देश के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो चुकी है। पहले जहां सीमा पार से आतंकवाद ही देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी समस्या थी, अब जेहादी आतंकवाद, पाकिस्तान और चीन की दुरभिसंधि, आर्थिक नाके बंदी सहित अन्य चुनौतियां भी देश के सामने खड़ी हो चुकी हैं।
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बदलते दौर में साइबर हमले भी देश की वाह्य व आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं, लिहाजा अब हमें न केवल सैन्य शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता है, बल्कि इसके लिए हमें अन्य तक नीकी उपाय भी करने होंगे।
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इसके साथ ही वर्तमान समय राष्ट्रीय सुरक्षा के सम्मुख वाह्य खतरे से अधिक आंतरिक खतरे और चुनौतियां अधिक हैं। इसलिए हमें वाह्य के साथ ही आंतरिक सुरक्षा पर भी फोकस करना होगा। लिहाजा, सोमवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित होने वाले सैन्य सम्मेलन में इस विषय पर गंभीरतापूर्वक और सटीक चर्चा की जाएगी।
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राष्ट्रीय सुरक्षा: चुनौतियों के बदलने आयाम विषय पर पूर्व वाइस आर्मी चीफ ले.जनरल एएस लांबा, ले. जनरल ओपी कौशिक और पूर्व रॉ चीफ अलोक जोशी इस विषय को सामने रखेंगे और इन चुनौतियों के और खतरों से किस प्रकार से निपटा जा सकता है, इस पर अपने सुझाव भी देंगे। सैन्य सम्मेलन के माध्यम से देश के पूर्व सैनिक अधिकारियों के सुझाव देश की सुरक्षा के बनी चुनौतियों को निपटने के लिए सहायक सिद्घ होंगे, यही उम्मींद और आशा है।