अमर उजाला एक्सक्लूसिव: जमीन मिली तो दूसरे राज्यों में भी पौधे लगवाएगा उत्तराखंड
- प्रदेश में जमीन की कमी, केंद्र सरकार से रियायत मांगने का प्रस्ताव भी तैयार
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क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए जमीन की कमी का सामना कर रहे उत्तराखंड वन विभाग ने अब अन्य राज्यों से भी बात करने का फैसला किया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी राष्ट्रीय परियोजनाओं की तर्ज पर रियायत देने की मांग का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
प्रदेश में सड़क सहित अन्य योजनाओं के लिए वन भूमि लेने पर क्षतिपूर्ति पौधरोपण का नियम है। प्रदेश सरकार की परेशानी यह है कि नए पौधरोपण के लिए प्रदेश में जमीन जुटाना कठिन होता जा रहा है। हाल यह है कि कैंपा के तहत पौधे लगाने में ही वन विभाग के पसीने छूट रहे हैं।
इसी को देखते हुए अब प्रदेश सरकार ने क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए अन्य राज्यों से बात करने का फैसला किया है। इससे पहले टिहरी बांध की भूमि के बदले उत्तर प्रदेश में पौधरोपण किया गया था। इसी को आगे बढ़ाते हुए अब अन्य राज्यों से कहा जाएगा कि उनके पास जमीन है तो उत्तराखंड अपने खर्च पर कैंपा के तहत वहां पौधरोपण कराएगा।
दो स्तर की रणनीति पर हो रहा है काम
इसके साथ ही केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परियोजनाओं की तर्ज पर राज्य के लिए भी रियायत की मांग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दरअसल ऑल वेदर रेेड, जल विद्युत परियोजनाओं समेत अन्य राष्ट्रीय परियोजनाओं में वन भूमि की एवज में केंद्र सरकार डिग्रेडिड वन भूमि पर पौधरोपण की इजाजत देती है। राज्य की ओर से तैयार प्रस्ताव में कहा गया है कि इसी तरह की अनुमति प्रदेश को भी दी जाए।
हम दो स्तर की रणनीति पर काम कर रहे हैं। एक तो अन्य राज्यों से मुख्यमंत्री और मेरे स्तर पर बात की जा रही है। दूसरे स्तर पर केंद्र सरकार से भी रियायत मांगी जा रही है। हमारी परेशानी गांवों के लिए बनने वाली छोटी सड़कों सहित राज्य की अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि को लेकर है। इसका प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है।
-हरक सिंह रावत, वन मंत्री उत्तराखंड