अमर उजाला एक्सक्लूसिव: ग्रोथ सेंटर से होगी बद्री गाय के दूध की मार्केटिंग
- डेरी ग्रोथ सेंटर पर बद्री गाय के दूध पर मिलेगा चार रुपये की प्रोत्साहन राशि
- बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून में बद्री गाय दूध पर आधारित चार ग्रोथ सेंटर
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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बद्री गाय के दूध, घी और पनीर की ब्रांडिंग और मार्केटिंग डेयरी ग्रोथ सेंटर के माध्यम से की जाएगी। ग्रोथ सेंटर पर दुग्ध उत्पादकों को बद्री गाय के दूध पर चार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बद्री गाय के ए-टू मिल्क को स्ट्रलाइजेशन कर बोतलों में शहरी क्षेत्रों में बिक्री की जाएगी।
प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों को दूध का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार का डेरी ग्रोथ सेंटर स्थापित करने को फोकस है। दुग्ध विकास विभाग की ओर से लगभग 48 लाख की लागत से बद्री गाय के दूध पर आधारित चार ग्रोथ सेंटर बनाए गए। जिसमें बागेश्वर जिले के कमेडी, रुद्रप्रयाग में सुमाड़ी, चमोली में जखोला (जोशीमठ), देहरादून जिले में लाखामंडल में बद्री गाय के ए-टू दूध को प्रोसेसिंग कर घी, पनीर तैयार किया जा रहा है।
ग्रोथ सेंटर पर दूध बेचने वाले उत्पादकों को विभाग की ओर से चार रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे। बद्री गाय के एक लीटर दूध का मूल्य 36 से 37 रुपये प्रति लीटर तक है।
सेहत के लिए फायदेमंद है बद्री गाय का दूध
पहाड़ों में बद्री नस्ल की गाय होती है लेकिन जर्सी व साहीवाल नस्ल की तुलना में बद्री गाय की दूध देने की क्षमता बहुत ही कम होती है। बद्री गाय एक दिन में डेढ़ से दो लीटर की दूध देती है। इस दूध की गुणवत्ता सबसे उच्च मानी जाती है। जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। दूध में पाचन क्षमता अधिक है। पेट से संबंधित बीमारियों दूध का सेवन लाभदायक होता है।
1300 रुपये किलो बिक रहा घी
बद्री गाय के दूध से तैयार घी बाजार में 1300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि दूध का मूल्य प्रति किलो 36 से 37 रुपये किलो तक है।
दूरस्थ क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादकों की आमदनी बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से चार ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बद्री गाय के दूध, घी, पनीर की ब्रांडिंग व मार्केटिंग की जा रही है। अभी तक ग्रोथ सेंटरों से दूध, घी व पनीर को निजी कंपनी को बेचा जा रहा है। जल्द ही इसकी मार्केटिंग आंचल ब्रांड के नाम से की जाएगी।
- जयदीप अरोड़ा, संयुक्त निदेशक, दुग्ध विकास विभाग