अमर उजाला को मिला KCK अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड, राष्ट्रपति ने किया सम्मान
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देहरादून नारी निकेतन में एक संवासिनी से रेप, गर्भपात और कई अन्य संवासिनियों से अमानवीय अत्याचार का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भिजवाने के लिए अमर उजाला को वर्ष 2015 का अंतरराष्ट्रीय कर्पूर चंद्र कुलिश (केसीके) मुख्य अवार्ड मिला है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में यह अवार्ड प्रदान किया। विजेता टीम के लीडर क्राइम रिपोर्टर राकेश शर्मा ने राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया।
अमर उजाला ने स्टिंग ऑपरेशन श्रृंखला के जरिए नारी निकेतन में महिलाओं के साथ हो रहे शोषण का पर्दाफाश किया था। मामले का खुलासा करने वाली टीम में क्राइम रिपोर्टर राकेश शर्मा, नलिनी गुसाईं, अभिषेक सिंह और गौरव मिश्रा शामिल थे। इस मामले में तत्कालीन नारी निकेतन अधीक्षक समेत नौ लोग जेल गए थे।
लापरवाही के आरोप में कई निलंबित हुए थे। नतीजा, नारी निकेतन का कायाकल्प हो गया।
संवासिनियों के परिजन को तलाश कर उन्हें घर भेजा गया
72 से अधिक संवासिनियों के परिजन को तलाश कर उन्हें घर भेजा गया। सत्ता के गलियारों में लंबे समय तक यह मामला सुर्खियों में छाया रहा था। विधानसभा चुनावों में यह मामला सरकार के खिलाफ मुख्य मुद्दा भी बना था। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में संवासिनियों के लिए पहली बार नारी निकेतन में आदर्श पोलिंग बूथ बनाया गया था।
दुनियाभर से मिली प्रविष्टियों में से अमर उजाला देहरादून टीम के अभियान को इस पुरस्कार के लिए चुना गया। हिंदी के किसी भारतीय अखबारों को यह मुख्य पुरस्कार पहली बार दिया गया है।
दैनिक अखबारों में पत्रकारों की टीम के बेहतरीन काम को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2007 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय कर्पूर चंद्र कुलिश (केसीके) मुख्य अवार्र्ड, पुरस्कार राशि 11000 डॉलर के लिहाजा से दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार है। यह अवार्ड राजस्थान पत्रिका समूह की ओर प्रतिवर्ष दिया जाता है।