फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Amar Ujala Apanatva Abhiyan : champaign for helping those children who lost their parents

अमर उजाला का अभियान: उत्तराखंड में माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए पहल, आप भी दीजिए इनकी जानकारी

Fri, 28 May 2021 04:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 28 May 2021 04:31 PM IST
सार

अमर उजाला ने कोरोना काल में अपने माता-पिता को गंवाने वाले बच्चों की जानकारी के लिए अपनत्व अभियान चलाया है। इसमें लोग कोरोना में अनाथ हुए बच्चों की सूचनाएं दे रहे हैं।

ऐसे बच्चों के बारे में हमें लगातार जानकारियां मिल रही हैं, जिसमें किसी बच्चे के सिर से मां का आंचल तो किसी के सिर से पिता का साया छिन गया है। इनकी पड़ताल कर अमर उजाला उन्हें सामने ला रहा है। मकसद सिर्फ इन बच्चों की मदद करना है। अमर उजाला ने ऐसे बच्चों को ढूंढने का बीड़ा उठाया तो कुछ संस्थाएं और व्यक्ति भी मदद के लिए आगे आए हैं। पाठकों के सहयोग से हमारा यह अभियान जारी रहेगा। 

उत्तराखंड में कोरोना महामारी ने जिन बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है। अमर उजाला ने उनकी पहचान के लिए यह अभियान शुरू किया है। ऐसे बच्चों के बारे में जानकारी हो तो हमें 7617566171 पर व्हाट्सअप के जरिए या ddn-cityreporter@amarujala.com पर मेल करें।

विज्ञापन
Amar Ujala Apanatva Abhiyan : champaign for helping those children who lost their parents
कोरोना काल में माता-पिता को गंवाने वाले बच्चों की जानकारी के लिए अपनत्व अभियान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिता की मौत के बाद कोरोना से मां ने छोड़ा साथ, तीन बच्चे अनाथ

विज्ञापन

उत्तराखंड के खटीमा में टेंट का कारोबार करने वाले जयप्रकाश गुप्ता का सीने में दर्द उठने के चलते निधन हो गया था। उनकी पत्नी विमला गुप्ता ने टेंट का कारोबार संभाला। हाल ही में उनकी भी कोरोना से मौत हो गई। अब उनके तीनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। उन्होंने सरकार से नौकरी की गुहार लगाई है।

यहां पढ़ें पूरी खबर...इन बच्चों पर कोरोना ने दिखाई क्रूरता, आप दिखाइए ममता
विज्ञापन


कोरोना ने पिता को छीना, परिवार में कोई कमाने वाला नहीं 

गैरसैंण में लखेड़ी गांव के हरेंद्र सिंह के परिवार में अब कमाने वाला कोई नहीं है। हरेंद्र की पत्नी नंदी देवी ने बताया उनके पति पूना के एक होटल में काम करते थे। वहां कोरोना संक्रमण बढ़ा तो वह 18 अप्रैल को गांव आ गए। कुछ दिन बाद उनको बुखार आ गया। उन्होंने जांच कराई, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए। होम आइसोलेशन में रहने के बाद बीती 26 अप्रैल को तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल में रेफर किया गया। इलाज के दौरान 10 मई को हरेंद्र की मौत हो गई। उनके दो बच्चे हैं। नंदी देवी ने कहा कि पति की मौत के बाद वह बेसहारा हो गई है। प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां पढ़ें पूरी खबर...सामने आए कोरोना काल में माता-पिता गंवाने वाले बच्चे, अब 'वात्सल्य' दिखाइए सरकार

भाई-बहन के सिर से उठा मां-बाप का साया
कोरोना के चलते देहरादून के बांजारावाला निवासी कृतिका भट्ट और विवेक भट्ट के सिर से मां-बाप का साया उठ गया है। कृतिका कॉलेज में पढ़ती हैं। जबकि, भाई विवेक कक्षा 12 में पढ़ रहा है। इन दिनों दोनों भाई,बहन अपने ताऊ के घर में रह रहे हैं। मां-बाप के निधन के बाद कृतिका के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।


यहां पढ़ें पूरी खबर...दुश्वार हुआ जीना, कोरोना ने पिता का साया, मां का आंचल छीना

कोरोना ने छीना परिवार का मुखिया अब रोजी-रोटी की चिंता

बेतालघाट (नैनीताल) ब्लॉक के धनियाकोट के तोक तल्लाकोट के बहादुर सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी और छह साल के बेटे को रोजी-रोटी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बहादुर सिंह भीमताल के एक होटल में काम करता था। बीमार होने पर उसका चचेरा भाई उसे गांव ले आया। गरमपानी में कोरोना की जांच कराई गई तो संक्रमित पाया गया। इसके बाद उसे हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 21 अप्रैल को उपचार के दौरान बहादुर की मौत हो गई।

यहां पढ़ें पूरी खबर...कोरोना ने बनाया लाचार, मदद के तलबगार बच्चे बेशुमार

दो भाइयों की मौत से बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
हल्द्वानी के रामपुर रोड में ग्राम जीतपुर नेगी निवासी दामोदर सुयाल के जवान बेटों का भी कोरोना से निधन हो गया है। दोनों ही परिवार के कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से बच्चों की परवरिश और शिक्षा पर संकट खड़ा हो गया है।

दामोदर सुयाल के सबसे बड़े बेटे मनोज सुयाल ने बताया कि उनके छोटे भाई हेम का 24 अप्रैल और दिनेश का 30 अप्रैल को निधन हो गया। हेम का बेटा सातवीं में पढ़ता है, जबकि बिटिया छोटी है। दिनेश के तीन बच्चे हैं। एक इंटर, एक हाईस्कूल और एक पांचवीं में पढ़ता है। मनोज ने बताया कि दोनों भाई प्राइवेट जॉब करते थे। दोनों की पत्नियां गृहिणी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed