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सुप्रीम कोर्ट के स्थगनादेश से ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट को राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:46 PM IST
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उत्तराखंड की नदियों से 500 मीटर दूर डंपिंग जोन बनाए जाने के उच्च न्यायालय के आदेश पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इस स्थागनादेश के चलते फिलहाल चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के काम में न्यायालय के अगले किसी आदेश तक कोई अड़चन नहीं आएगी। मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग हरिओम शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। मुख्य अभियंता के मुताबिक न्यायालय द्वारा मांगी सूचनाओं से संबंधित हलफनामा भी अदालत में दाखिल कर दिया गया है।
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उच्च न्यायालय ने हिमाद्री जन कल्याण संस्थान की याचिका पर केंद्रीय पर्यावरण व एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व राजस्व एजेंसियों को प्रदेश में नदियों से 500 मीटर के फासले पर मलबे के निस्तारण के लिए डंपिंग जोन बनाने के निर्देश दिए थे। फैसले से सरकार इस दुविधा में पड़ गई थी कि वह चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के लिए नए डंपिंग जोन कहां चिन्हित करेगी? इससे परियोजना का काम भी प्रभावित होने का अंदेशा बन गया था। उच्च न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दायर की। सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही एसएलपी पर स्थगनादेश दे दिया।
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गंगोत्री में भी शुरू हो सकेगी वन्य भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया
गंगोत्री क्षेत्र में में भी परियोजना के वन्य भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आरंभ होने की उम्मीद जगी है। राष्ट्रीय राजमार्ग 18 के धरासू बैंड से गंगोत्री के हिस्से तक इको सेंसिटिव जोन की वजह से भूमि हस्तांतरण का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। लेकिन सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार की मूल अधिसूचना में कुछ संशोधन कर दिए जाने से अब प्रक्रिया कुछ आगे बढ़ सकेगी। केंद्र सरकार के स्तर पर निगरानी समिति का पुनर्गठन कर दिया गया है। परियोजना की कार्यदायी एजेंसियां केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, बीआरओ और राष्ट्रीय राजमार्ग जिलाधिकारी के माध्यम से वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव निगरानी समिति को भेजेंगे। निगरानी समिति की अनुमति के बाद प्रस्ताव आनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे। इस संबंध में कार्यदायी एजेंसियों को पहले चरण की सैद्धांतिक मंजूरी की प्रक्रिया में जुट जाने को कह दिया गया है। कुछ दिन पूर्व शासन स्तर पर हुई एक बैठक में प्रभारी सचिव वन अरविंद सिंह ह्यांकी ने इस संबंध में जानकारी दी।
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मानसून के बाद युद्धस्तर पर जुटेंगी एजेंसियां
चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना का काम मानसून के चलते अभी रुका हुआ है। लेकिन 30 सितंबर के बाद कार्यदायी एजेंसियां परियोजना निर्माण में युद्धस्तर पर जुट जाएंगी। मुख्य अभियंता एनएच हरिओम शर्मा के मुताबिक, बारिश खत्म होने के बाद काम में तेजी आएगी।
8542.4137 कार्यों हो चुकी है स्वीकृति
11700 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना के तहत 8542.41 करोड़ रुपये के 37 कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। 6683.58 करोड़ लागत की 28 योजनाओं पर कार्य आरंभ हो गया है। 246.39 करोड़ के तीन कार्य की निविदाओं के अनुबंध हो चुके हैं। 1374.67 करोड़ की चार योजनाओं की निविदाएं प्राप्त हो गई हैं, जिनके मूल्यांकन प्रक्रिया जारी है। 237.75 करोड़ के दो कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।
81.50 प्रतिशत वन भूमि हस्तांतरण का काम पूरा
परियोजना के तहत 81.50 प्रतिशत वन भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके तहत 841.46 किमी लंबाई में भूमि हस्तांतरित होनी है। इसमें से 685.70 प्रतिशत भूमि के हस्तांतरण की स्वीकृति हो चुकी है।