फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   AIIMS sweeping machine scam CBI to file another chargesheet, several senior officials may be implicated

एम्स स्वीपिंग मशीन घोटाला: एक और चार्जशीट दाखिल करेगी सीबीआई, कई बड़े अधिकारियों के नाम भी हो सकते हैं शामिल

Tue, 30 Sep 2025 04:30 AM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 30 Sep 2025 04:30 AM IST
सार

Uttarakhand News: अब तक की जांच में तत्कालीन आला अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के साक्ष्य सीबीआई को मिले हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

विज्ञापन
AIIMS sweeping machine scam CBI to file another chargesheet, several senior officials may be implicated
CBI - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

एम्स के स्वीपिंग मशीन घोटाले में सीबीआई एक और चार्जशीट (सप्लीमेंट्री) दाखिल करेगी। इसमें घोटाले के वक्त तैनात रहे बड़े अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है। इस मामले में सीबीआई पिछले साल जनवरी में पांच अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

विज्ञापन


अब तक की जांच में तत्कालीन आला अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के साक्ष्य सीबीआई को मिले हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एम्स में मशीनों और मेडिकल स्टोर के आवंटन के घोटाले में कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें पांच अधिकारी और चार अन्य आरोपी बनाए गए थे। एक मामला एम्स में स्वीपिंग मशीन खरीद का था। टेंडर में पांच कंपनियों को शामिल किया गया था। देश की एक नामी कंपनी जो कि स्वीपिंग मशीन बनाती और बेचती थी उसे कई तरह की गलतियां बताते हुए टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन


जबकि एक ऐसी कंपनी से स्वीपिंग मशीन खरीदी गई जिसने इसका न तो निर्माण किया और न ही इसकी बिक्री से कोई संबंध था। शर्त थी कि मशीन तीन महीने से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। मशीन आ गई। काम शुरू किया तो कुल 124 घंटे ही चल पाई। स्वीपिंग मशीन और मेडिकल स्टोर आवंटन के मामलों में कुल 4.41 करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई जांच में पुष्टि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड ग्रामीण बैंक धोखाधड़ी केस: 15 साल बाद पूर्व मैनेजर समेत छह को जेल, विशेष CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

इस मामले में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर डॉ. बलराम ओमर, एनाटॉमी विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर डॉ. बृजेंद्र सिंह, तत्कालीन सहायक प्रोफेसर अनुभा अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत और लेखाधिकारी दीपक जोशी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।

इन सभी पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में तत्कालीन आला अधिकारियों की भी इसमें भूमिका के साक्ष्य मिले हैं। उनके खिलाफ भी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed