समाजसेवा करने के लिए चुनी डॉक्टर बनने की राह, ऐसी लिखी सफलता की इबारत
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समाजसेवा करने के लिए विकास साहनी ने डॉक्टर बनने की राह चुनी है। उन्हें दो साल के प्रयास के बाद सफलता मिल गई। विकास ने एम्स प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया 1172वीं रैंक हासिल की है जबकि ओबीसी श्रेणी में उनकी रैंक 254 है।
मूलरूप से ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा निवासी साहनी परिवार के लिए यह साल खुशियां लेकर आया। दो साल की मेहनत के बाद इस साल विकास कुमार साहनी ने जहां नीट में ऑल इंडिया 613वीं (ओबीसी में 134वीं) रैंक हासिल की है, वहीं एम्स में ऑल इंडिया 1172वीं रैंक हासिल की है।
विकास ने बताया कि उन्होंने 2017 में 96 प्रतिशत अंकों के साथ खटीमा से ही 12वीं की थी। इसके बाद से वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे। गत वर्ष उन्होंने नीट और एम्स की परीक्षाएं दी थी लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी।
इस साल मेहनत से दोबारा तैयारी की और सफलता हासिल की है। वह समाजसेवा के लिए डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनके पिता राम बलि साहनी खटीमा की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं जबकि मां चंद्रकला देवी गृहिणी हैं। विकास के शिक्षक विपिन बलूनी का कहना है कि एक साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने सफलता की इबारत लिखी है।