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Dehradun News: बच्चों को निशुल्क मार्शल आर्ट की बारीकियां सिखा रहे लविश
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Iबच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे हेड कांस्टेबल लविश
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Iअपनी पत्नी के साथ मिल गांव के 50-60 बच्चों को निशुल्क वुशु का दे रहे प्रशिक्षण
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पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात लविश कुंवर को खेल का ऐसा जुनून हैं वह घंटों नौकरी करने के बाद अपने गांव के बच्चों को निशुल्क मार्शल आर्ट की बारीकियां सिखा रहे हैं। बॉक्सिंग और वुशु में नेशनल मेडलिस्ट लविश की पत्नी रोशनी कुंवर भी बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाती हैं।
बच्चों को वुशु सिखाने के लिए लविश ने अपने ही घर में अलग से हॉल बनाया है, जहां वह बच्चों की मार्शल आर्ट की क्लास लगती है। पछवादून के शेरपुर गांव के निवासी लविश ने बताया, साल 2011 में उन्होंने पुलिस विभाग में नौकरी करना शुरू किया। इससे पहले वह स्कूल में बॉक्सिंग और वुशु खेलते थे। कई प्रतियोगिताओं में तो उन्होंने राज्य का प्रतिनिधित्व किया और बॉक्सिंग और वुशु में नेशनल मेडल जीत प्रदेश का मान बढ़ाया। कहा, कोई भी खेल हमें अपने क्षेत्र में अलग बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में गांव के बच्चे खेलों के जरिये अपना कॅरिअर बना सके इसी उद्देश्य से लविश अपनी पत्नी रोशनी के साथ मिलकर बच्चों को वुशु की बारीकियां सिखाते हैं।
Iपांच बार चैंपियन बने शेरपुर गांव के बच्चेI
लविश ने बताया, राज्यस्तरीय वुशु चैंपियनशिप में शेरपुर गांव के बच्चों ने पांच बार चैंपियनशिप अपने नाम की। इन बच्चों को रोशनी और लविश ने मिलकर वुशु की ट्रेनिंग दी थी। यह बच्चे गांव के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने और अन्य लोगों ने भी अपने बच्चों को वुशु सीखने के लिए भेजा।
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Iअपनी पत्नी के साथ मिल गांव के 50-60 बच्चों को निशुल्क वुशु का दे रहे प्रशिक्षण
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पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात लविश कुंवर को खेल का ऐसा जुनून हैं वह घंटों नौकरी करने के बाद अपने गांव के बच्चों को निशुल्क मार्शल आर्ट की बारीकियां सिखा रहे हैं। बॉक्सिंग और वुशु में नेशनल मेडलिस्ट लविश की पत्नी रोशनी कुंवर भी बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाती हैं।
बच्चों को वुशु सिखाने के लिए लविश ने अपने ही घर में अलग से हॉल बनाया है, जहां वह बच्चों की मार्शल आर्ट की क्लास लगती है। पछवादून के शेरपुर गांव के निवासी लविश ने बताया, साल 2011 में उन्होंने पुलिस विभाग में नौकरी करना शुरू किया। इससे पहले वह स्कूल में बॉक्सिंग और वुशु खेलते थे। कई प्रतियोगिताओं में तो उन्होंने राज्य का प्रतिनिधित्व किया और बॉक्सिंग और वुशु में नेशनल मेडल जीत प्रदेश का मान बढ़ाया। कहा, कोई भी खेल हमें अपने क्षेत्र में अलग बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में गांव के बच्चे खेलों के जरिये अपना कॅरिअर बना सके इसी उद्देश्य से लविश अपनी पत्नी रोशनी के साथ मिलकर बच्चों को वुशु की बारीकियां सिखाते हैं।
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Iपांच बार चैंपियन बने शेरपुर गांव के बच्चेI
लविश ने बताया, राज्यस्तरीय वुशु चैंपियनशिप में शेरपुर गांव के बच्चों ने पांच बार चैंपियनशिप अपने नाम की। इन बच्चों को रोशनी और लविश ने मिलकर वुशु की ट्रेनिंग दी थी। यह बच्चे गांव के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने और अन्य लोगों ने भी अपने बच्चों को वुशु सीखने के लिए भेजा।
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