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Dehradun News: एकतरफा कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार
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हापुड़ में यूपी पुलिस की अधिवक्ताओं पर की गई बर्बरता का जताया विरोध
हापुड़ में यूपी पुलिस की अधिवक्ताओं पर की गई बर्बरता और रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून में भूमि की धोखाधड़ी में अधिवक्ताओं पर एकतरफा कार्रवाई के विरोध में पछवादून बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। जिससे न्यायिक कार्यों से लेकर तहसील से संबंधित कार्य ठप रहे। रजिस्ट्री से संबंधित कार्य भी नहीं हो सके।
अधिवक्ताओं ने विरोध में तहसील में कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार प्रेम सिंह को सौंपा। भूमि की धोखधड़ी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। अध्यक्ष विजय पाल चौधरी ने कहा कि हापुड़ में पुलिस की बर्बरता मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर अधिवक्ताओं को न्याय दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई से देशभर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून में भूमि की धोखाधड़ी के मामलों में केवल अधिवक्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कार्रवाई को एकपक्षीय बताते हुए प्रकरण में शामिल दोषी अधिकारियों और राजनेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। कहा कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की जानी चाहिए, ताकि असली दोषी पकड़े जा सके। उन्होंने दोनों प्रकरणों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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प्रदर्शन करने वालों में उत्तराखंड बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल, उपाध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा, सह सचिव अनिल कांडपाल, विवेक गुप्ता, बबीता शर्मा, आशाराम जोशी, मनोज शर्मा, अनिल शर्मा, अनिल गुलेरिया, एसएस पंवार, एसके मित्तल, आरएन लखरवाल आदि शामिल रहे।
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हापुड़ में यूपी पुलिस की अधिवक्ताओं पर की गई बर्बरता और रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून में भूमि की धोखाधड़ी में अधिवक्ताओं पर एकतरफा कार्रवाई के विरोध में पछवादून बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। जिससे न्यायिक कार्यों से लेकर तहसील से संबंधित कार्य ठप रहे। रजिस्ट्री से संबंधित कार्य भी नहीं हो सके।
अधिवक्ताओं ने विरोध में तहसील में कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार प्रेम सिंह को सौंपा। भूमि की धोखधड़ी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। अध्यक्ष विजय पाल चौधरी ने कहा कि हापुड़ में पुलिस की बर्बरता मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर अधिवक्ताओं को न्याय दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई से देशभर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून में भूमि की धोखाधड़ी के मामलों में केवल अधिवक्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कार्रवाई को एकपक्षीय बताते हुए प्रकरण में शामिल दोषी अधिकारियों और राजनेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। कहा कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की जानी चाहिए, ताकि असली दोषी पकड़े जा सके। उन्होंने दोनों प्रकरणों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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प्रदर्शन करने वालों में उत्तराखंड बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल, उपाध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा, सह सचिव अनिल कांडपाल, विवेक गुप्ता, बबीता शर्मा, आशाराम जोशी, मनोज शर्मा, अनिल शर्मा, अनिल गुलेरिया, एसएस पंवार, एसके मित्तल, आरएन लखरवाल आदि शामिल रहे।