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Dehradun News: सरस मेले में दिखी उत्तराखंड की पारंपरिक कला की झलक
Tue, 06 Oct 2026 09:34 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 06 Oct 2026 09:34 PM IST
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देहरादून। रेंजर्स ग्राउंड में सरस मेले का आयोजन किया गया है। इसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से स्वयं सहायता समूह अपने स्थानीय उत्पाद और हस्तशिल्प लेकर पहुंचे हैं। मेले का उद्देश्य पारंपरिक कला और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है।
मंगलवार को दिन में कृषि विभाग के विभागीय कार्यक्रम की गोष्ठी का आयोजन किया गया। वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। इसमें हेमंत सिंह डावन की ओर से गजल और भजन प्रस्तुत किए गए। साथ ही स्थानीय बैंड ने पॉप और रैप का प्रदर्शन किया जबकि नरेश बादशाह ने पहाड़ी गीत गाए की। इस दौरान कई स्टॉल पर उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को नए तरीके से पेश किया गया।
आरजू स्वयं सहायता समूह और सुशीला देवी स्वयं सहायता समूह जैसे कई स्टॉल पर यह कला देखने को मिली। पिछौड़े से बनाए गए बैग, वॉल हैंगिंग और हाथ से बने सामान भी प्रदर्शित किए गए। इन सामान में पारंपरिक कला के साथ आधुनिक डिजाइन का मेल था। पिथौरागढ़ की रेखा भट्ट राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक स्वयं सहायता समूह के साथ मेले में पहुंची। उनके सात महिलाओं के समूह के स्टॉल पर कई स्थानीय सामान थे। इनमें मंडुवे के बिस्किट, पिसा हुआ नमक, लाल चावल, दालें, खीरे और दाल की बड़ी शामिल थे। रेखा भट्ट ने बताया कि गांवों में बने समूहों के जरिये ये सामान तैयार किए जाते हैं। उनके समूह के उत्पाद दिल्ली, देहरादून और हल्द्वानी तक भेजे जाते हैं।
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मंगलवार को दिन में कृषि विभाग के विभागीय कार्यक्रम की गोष्ठी का आयोजन किया गया। वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। इसमें हेमंत सिंह डावन की ओर से गजल और भजन प्रस्तुत किए गए। साथ ही स्थानीय बैंड ने पॉप और रैप का प्रदर्शन किया जबकि नरेश बादशाह ने पहाड़ी गीत गाए की। इस दौरान कई स्टॉल पर उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को नए तरीके से पेश किया गया।
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आरजू स्वयं सहायता समूह और सुशीला देवी स्वयं सहायता समूह जैसे कई स्टॉल पर यह कला देखने को मिली। पिछौड़े से बनाए गए बैग, वॉल हैंगिंग और हाथ से बने सामान भी प्रदर्शित किए गए। इन सामान में पारंपरिक कला के साथ आधुनिक डिजाइन का मेल था। पिथौरागढ़ की रेखा भट्ट राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक स्वयं सहायता समूह के साथ मेले में पहुंची। उनके सात महिलाओं के समूह के स्टॉल पर कई स्थानीय सामान थे। इनमें मंडुवे के बिस्किट, पिसा हुआ नमक, लाल चावल, दालें, खीरे और दाल की बड़ी शामिल थे। रेखा भट्ट ने बताया कि गांवों में बने समूहों के जरिये ये सामान तैयार किए जाते हैं। उनके समूह के उत्पाद दिल्ली, देहरादून और हल्द्वानी तक भेजे जाते हैं।
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