{"_id":"65dceaba1009186b0d02cdca","slug":"a-cultural-program-of-awaaz-suno-pahadans-was-dehradun-news-c-5-1-drn1030-358865-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: आवाज सुनो पहाड़ों की कार्यक्रम में बिखरे संस्कृति के रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: आवाज सुनो पहाड़ों की कार्यक्रम में बिखरे संस्कृति के रंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
I- गायकों और कलाकारों ने गीतों की प्रस्तुतियों से बांधा समा
I
I
I
शारदा स्वर संगम के तत्वावधान में सोमवार को कारगी चौक स्थित जेपी प्लाजा में आवाज सुनो पहाड़ों की सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, उप मुख्य नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, संयोजक नरेंद्र रौथाण, अनुसूया प्रसाद उनियाल, सुरेश भट्ट, बालक राम और वरिष्ठ कलाकार वीरेंद्र नेगी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वीरेंद्र नेगी ने मां शारदा की आरती से कार्यक्रम की शुरुआत की।
अमित सागर ने ‘ढलकी आंख्यूं मां...’ व ‘अपणी पीड़ा कैमा नी बतौण दगड्या...’, नरेंद्र शहनाई ने ‘तेरी तस्वीर को सीने से लगा रखा है...’ व ‘तेरे हिजाब ने मुझे शायर बना दिया...’ की प्रस्तुति दी। अंजलि खरे ने फुलारी, शकुना दे व लग जा गले गीत की प्रस्तुति से समा बांधे रखा। सौरभ मैठाणी ने अपने वायरल गीत मैं पहाड़ुं कु रैबासी गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ दंपति बलवीर सिंह पंवार व उषा पंवार, गिरीश चंद्र इष्टवाल व शकुंतला इष्टवाल, कुशाल सिंह बिष्ट व सिंदूरी देवी, सोमवारी लाल उनियाल व सोमवती उनियाल और पंडित विनोद पोखरियाल व मीनाक्षी पोखरियाल को सम्मानित किया गया। संयोजक नरेंद्र रौथाण ने कहा कि लोक संस्कृति के लिए कार्य करने वाले कलाकारों को सरकार की ओर से संरक्षण व प्रोत्साहन मिलना चाहिए। इस दौरान पूजा चौहान, आरती बड़ोला, विनीता द्विवेदी, रवि चौहान, लच्छू गुप्ता, अर्जुन पटवाल, सतीश घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
I
I
I
शारदा स्वर संगम के तत्वावधान में सोमवार को कारगी चौक स्थित जेपी प्लाजा में आवाज सुनो पहाड़ों की सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, उप मुख्य नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, संयोजक नरेंद्र रौथाण, अनुसूया प्रसाद उनियाल, सुरेश भट्ट, बालक राम और वरिष्ठ कलाकार वीरेंद्र नेगी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वीरेंद्र नेगी ने मां शारदा की आरती से कार्यक्रम की शुरुआत की।
अमित सागर ने ‘ढलकी आंख्यूं मां...’ व ‘अपणी पीड़ा कैमा नी बतौण दगड्या...’, नरेंद्र शहनाई ने ‘तेरी तस्वीर को सीने से लगा रखा है...’ व ‘तेरे हिजाब ने मुझे शायर बना दिया...’ की प्रस्तुति दी। अंजलि खरे ने फुलारी, शकुना दे व लग जा गले गीत की प्रस्तुति से समा बांधे रखा। सौरभ मैठाणी ने अपने वायरल गीत मैं पहाड़ुं कु रैबासी गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ दंपति बलवीर सिंह पंवार व उषा पंवार, गिरीश चंद्र इष्टवाल व शकुंतला इष्टवाल, कुशाल सिंह बिष्ट व सिंदूरी देवी, सोमवारी लाल उनियाल व सोमवती उनियाल और पंडित विनोद पोखरियाल व मीनाक्षी पोखरियाल को सम्मानित किया गया। संयोजक नरेंद्र रौथाण ने कहा कि लोक संस्कृति के लिए कार्य करने वाले कलाकारों को सरकार की ओर से संरक्षण व प्रोत्साहन मिलना चाहिए। इस दौरान पूजा चौहान, आरती बड़ोला, विनीता द्विवेदी, रवि चौहान, लच्छू गुप्ता, अर्जुन पटवाल, सतीश घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन