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ढाई घंटे दिल्ली-हरिद्वार हाईवे जाम, 46 करोड़ का भुग्तान

Thu, 20 Sep 2018 01:20 AM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:20 AM IST
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ढाई घंटे दिल्ली-हरिद्वार हाईवे जाम, 46 करोड़ का भुग्तान
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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किसानों की ओर से महापंचायत और ढाई घंटे हाईवे जाम करने के बाद आखिरकार दो शुगर मिलों ने उनका 46 करोड़ का बकाया भुगतान कर दिया। किसानों की महापंचायत में पहुंचीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल और सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने किसान नेताओं को भुगतान के चेक सौंपे। इसके बाद किसानों ने हाईवे खोला।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, किसान बुधवार सुबह दस बजे से ही बोट क्लब पर एकत्र होने लगे। दोपहर दो बजे तक करीब पांच सौ से अधिक किसान अपने ट्रैक्टर लेकर बोट क्लब पहुंच गए। इस दौरान बोट क्लब पर जाम लग गया। दोपहर दो बजे उत्तराखंड किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान बोट क्लब से हाईवे की ओर बढ़े। किसानों की भीड़ सिविल लाइंस, प्रेम मंदिर चौक से से होते हुए करीब 2.45 बजे एसडीएम आवास के पास स्थित तिराहे पर पहुंची। इसके बाद किसान दरी डालकर दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर बैठ गए। सड़क पर किसानों के ट्रैक्टर खड़े होने के कारण छोटे वाहन संपर्क मार्गों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे, लेकिन बड़े वाहन जाम में फंस गए। इस दौरान किसान नेता शासन-प्रशासन पर जमकर बरसे। किसानों का आरोप था कि करीब एक महीने से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना दे रहे हैं, लेकिन आज तक जिलाधिकारी ने एक बार भी किसानों के बीच आकर उनकी बात नहीं सुनी।
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उन्होंने कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होता, किसानों का धरना हाईवे पर जारी रहेगा। करीब 3.30 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल और सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह चेक लेकर मौके पर पहुंचे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि डीएम दीपक रावत लगातार किसानों के धरने का संज्ञान ले रहे हैं। साथ ही उनके स्तर से भुगतान के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि इकबालपुर शुगरमिल से जितनी भी चीनी बेची जाएगी, उसके पूरे पैसे से किसानों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने किसान नेताओं को लिब्बरहेड़ी शुगरमिल की ओर से जारी किए गए 14 करोड़ के चेक किसानों को सौंपे। साथ ही कहा कि लक्सर शुगर मिल ने भी 32 करोड़ का भुगतान कर दिया है।
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इस तरह दोनों शुगर मिलों ने अब 15 मार्च तक का बकाया भुगतान कर दिया है। वहीं, आंकड़ों पर नजर डाले तो अब भी किसानों का तीनों शुगर मिलों पर करीब 325 करोड़ का भुगतान बकाया है। प्रशासन की ओर से चेक सौंपने के बाद करीब 5.15 बजे सर्वसम्मति से किसानों ने हाईवे खोल दिया। किसान नेता सरदार बीएम सिंह, उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, जिला अध्यक्ष महकार सिंह, जिला पंचायत सदस्य अदनान नवाज खान, किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष कटार सिंह, भगत सिंह वर्मा, राजेंद्र सिंह, संजीव कुमार, पवन त्यागी, गुलफान, भंवर सिंह, धर्मेंद्र, राजपाल सिंह, दीपक पुंडीर, मोहम्मद आजम और मोहम्मद रफी समेत करीब 6000 से अधिक किसान मौजूद रहे।

लक्सर समिति सचिव पर गिरी गाज
बीमा प्रकरण में लक्सर गन्ना समिति के सचिव प्रीतम सिंह पर गाज गिरी है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद गन्ना आयुक्त ललित मोहन रहाल ने प्रीतम सिंह को भविष्य में कभी सचिव का चार्ज नहीं देने और दो वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं। लक्सर गन्ना समिति में पिछले काफी समय से बीमा प्रकरण का मामला चर्चा में था। कुछ किसानों के परिजनों ने गन्ना विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर बताया था कि गन्ना समिति की ओर से कराए जाने वाले बीमे की प्रीमियम उनके खाते से तो काट ली गई, लेकिन जिस कंपनी को बीमे की जिम्मेदारी दी गई है, उसे यह पैसा नहीं सौंपा गया है। लिहाजा किसानों के परिजनों के मौत के बाद क्लेम नहीं मिला है।
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