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केवि एफआरआई में खुली पहली अटल टिंकरिंग लैब
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:57 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
केंद्रीय विद्यालय एफआरआई में राज्य की पहली अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) का सोमवार को शुभारंभ हो गया। नीति आयोग ने देशभर में 257 विद्यालय चयनित किए हैं, जहां यह लैब खुलनी है। पहले चरण में देहरादून संभाग से केवि एफआरआई में सबसे पहले यह लैब खोली गई है। इसकी मदद से स्कूली बच्चेे अलग-अलग विषयों के प्रयोगों को आसानी से समझ और सीख सकते हैं।
एफआरआई निदेशक डॉ. सविता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लैब खुलने से छात्र-छात्राओं को खासी मदद मिलेगी। विद्यालय को एक उपयोगी संसाधन मिला है, जिसका फायदा उठाकर छात्र काफी कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने छात्रों से लैब का लाभ उठाने का आह्वान किया, जिससे वह आगे चलकर देश के लिए और बेहतर काम कर सकें।
प्रधानाचार्य विवेकानंद बहुखंडी ने बताया कि केवि एफआरआई के अलावा अन्य सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को छात्र व शोधार्थी भी लैब का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहले प्रधानाचार्य से अनुमति लेनी होगी। कार्यक्रम में प्रशांत थपलियाल, डॉ. एमके श्रीवास्तव, सरस्वती कश्यप, सविता गर्ग, अमित कुमार, एमके बत्रा समेत अन्य मौजूद रहे।
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इनसेट...
क्या है एटीएल
अटल टिंकरिंग लैब या एटीएल की मदद से बच्चे विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी और गणित के सूत्रों, सिद्धांतों और प्रयोगों को समझ सकेंगे। किशोर छात्र-छात्राओं में उत्सुकता, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह लैब खोली जा रही है। यहां विशेषज्ञों की देखरेख में छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों के पास प्रयोग करने और विषयों को सीखने का मौका रहेगा।
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केंद्रीय विद्यालय एफआरआई में राज्य की पहली अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) का सोमवार को शुभारंभ हो गया। नीति आयोग ने देशभर में 257 विद्यालय चयनित किए हैं, जहां यह लैब खुलनी है। पहले चरण में देहरादून संभाग से केवि एफआरआई में सबसे पहले यह लैब खोली गई है। इसकी मदद से स्कूली बच्चेे अलग-अलग विषयों के प्रयोगों को आसानी से समझ और सीख सकते हैं।
एफआरआई निदेशक डॉ. सविता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लैब खुलने से छात्र-छात्राओं को खासी मदद मिलेगी। विद्यालय को एक उपयोगी संसाधन मिला है, जिसका फायदा उठाकर छात्र काफी कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने छात्रों से लैब का लाभ उठाने का आह्वान किया, जिससे वह आगे चलकर देश के लिए और बेहतर काम कर सकें।
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प्रधानाचार्य विवेकानंद बहुखंडी ने बताया कि केवि एफआरआई के अलावा अन्य सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को छात्र व शोधार्थी भी लैब का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहले प्रधानाचार्य से अनुमति लेनी होगी। कार्यक्रम में प्रशांत थपलियाल, डॉ. एमके श्रीवास्तव, सरस्वती कश्यप, सविता गर्ग, अमित कुमार, एमके बत्रा समेत अन्य मौजूद रहे।
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क्या है एटीएल
अटल टिंकरिंग लैब या एटीएल की मदद से बच्चे विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी और गणित के सूत्रों, सिद्धांतों और प्रयोगों को समझ सकेंगे। किशोर छात्र-छात्राओं में उत्सुकता, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह लैब खोली जा रही है। यहां विशेषज्ञों की देखरेख में छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों के पास प्रयोग करने और विषयों को सीखने का मौका रहेगा।